अहमदाबाद 2036 ओलंपिक के लिए तैयार, अमित शाह ने की तैयारियों की समीक्षा
भारत सरकार ने 2036 ओलंपिक खेलों की मेजबानी के लिए अपनी दावेदारी को लेकर कमर कस ली है और अहमदाबाद को इस वैश्विक आयोजन के केंद्र के रूप में तैयार किया जा रहा है। इसी सिलसिले में गुरुवार को केंद्रीय गृह…
भारत सरकार ने 2036 ओलंपिक खेलों की मेजबानी के लिए अपनी दावेदारी को लेकर कमर कस ली है और अहमदाबाद को इस वैश्विक आयोजन के केंद्र के रूप में तैयार किया जा रहा है। इसी सिलसिले में गुरुवार को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने अहमदाबाद में एक उच्च-स्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। समाचार एजेंसी IANS के मुताबिक, इस बैठक का मुख्य एजेंडा 2036 ओलंपिक के साथ-साथ शहर में होने वाले दो अन्य बड़े अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजनों— 2029 वर्ल्ड पुलिस एंड फायर गेम्स और 2030 कॉमनवेल्थ गेम्स— की तैयारियों का जायजा लेना था।
बैठक के बाद अमित शाह ने सोशल मीडिया पर कहा, "मोदी सरकार अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजनों की मेजबानी करके भारत को खेलों के लिए एक वैश्विक केंद्र बनाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।" उन्होंने यह भी बताया कि बैठक में 2036 ओलंपिक, 2029 पुलिस और फायर गेम्स तथा 2030 कॉमनवेल्थ गेम्स की मेजबानी की तैयारियों पर चर्चा हुई। इस महत्वपूर्ण बैठक में केंद्रीय खेल मंत्री मनसुख मंडाविया और गुजरात के उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी समेत कई वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे।
लगातार बड़े आयोजनों की मेजबानी
अहमदाबाद को पहले ही दो बड़े खेल आयोजनों की मेजबानी मिल चुकी है, जो 2036 ओलंपिक की दावेदारी के लिए एक मजबूत आधार तैयार कर रहे हैं। कॉमनवेल्थ स्पोर्ट ने नवंबर 2025 में ग्लासगो में हुई अपनी आम सभा में अहमदाबाद को 2030 के शताब्दी कॉमनवेल्थ गेम्स के मेजबान के रूप में औपचारिक मंजूरी दी थी। यह संस्करण 1930 में कनाडा के हैमिल्टन में हुए पहले खेलों के 100 साल पूरे होने का प्रतीक होगा।
इससे ठीक पहले, 2029 में अहमदाबाद वर्ल्ड पुलिस और फायर गेम्स का भी आयोजन करेगा। भारत को पिछले साल जून में इस आयोजन के लिए मेजबान देश चुना गया था। तब गृह मंत्री शाह ने इसे देश के बढ़ते खेल बुनियादी ढांचे और एक स्पोर्ट्स हब के रूप में अहमदाबाद की बढ़ती प्रतिष्ठा का प्रमाण बताया था।
बुनियादी ढांचे पर जोर
सरकार की रणनीति इन आयोजनों के माध्यम से विश्व स्तरीय खेल बुनियादी ढांचा और सुविधाएं विकसित करने की है, जो 2036 ओलंपिक की मेजबानी के अंतरराष्ट्रीय मानकों को पूरा कर सकें। शाह ने पहले भी कहा है कि इन आयोजनों के लिए विकसित की गई सुविधाएं बाद में एथलीटों के प्रशिक्षण के काम आएंगी। इसी क्रम में कॉमनवेल्थ स्पोर्ट के एक प्रतिनिधिमंडल ने अप्रैल में अहमदाबाद और नई दिल्ली का दौरा कर नरेंद्र मोदी स्टेडियम और वीर सावरकर स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स जैसे स्थलों का निरीक्षण भी किया था। यह समीक्षा बैठक ग्लासगो में संपन्न हुए 2026 कॉमनवेल्थ गेम्स के ठीक बाद हुई है, जहाँ भारत ने 13 स्वर्ण सहित 29 पदक जीते थे।
इनपुट: IANS



