HDFC बैंक में लीडरशिप बदलने की तैयारी: शशिधर जगदीशन की जगह कौन होगा अगला CEO?
भारत के सबसे बड़े निजी बैंक, HDFC बैंक में नेतृत्व परिवर्तन की प्रक्रिया जल्द ही शुरू होने वाली है। मौजूदा एमडी और सीईओ शशिधर जगदीशन अक्टूबर 2026 में अपना कार्यकाल पूरा करेंगे और उन्होंने दोबारा इस…
भारत के सबसे बड़े निजी बैंक, HDFC बैंक में नेतृत्व परिवर्तन की प्रक्रिया जल्द ही शुरू होने वाली है। मौजूदा एमडी और सीईओ शशिधर जगदीशन अक्टूबर 2026 में अपना कार्यकाल पूरा करेंगे और उन्होंने दोबारा इस पद पर न रहने का फैसला किया है। समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के अनुसार, इस महत्वपूर्ण पद के लिए बैंक के उप प्रबंध निदेशक कैजाद भरूचा का नाम सबसे आगे चल रहा है।
शशिधर जगदीशन के बाद बैंक की कमान संभालने के लिए HDFC बैंक संभावित उम्मीदवारों की एक सूची भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) को भेजेगा। सूत्रों के हवाले से आई इस रिपोर्ट में बताया गया है कि इस सूची में कैजाद भरूचा को पहली वरीयता दी जा सकती है। गौरतलब है कि 2020 में आदित्य पुरी के रिटायरमेंट के बाद शशिधर जगदीशन को सीईओ नियुक्त किया गया था।
कौन हैं कैजाद भरूचा?
कैजाद भरूचा HDFC बैंक के सबसे वरिष्ठ अधिकारियों में से एक हैं। वह जून 2014 से बैंक के निदेशक मंडल में शामिल हैं और फिलहाल उप प्रबंध निदेशक (Deputy Managing Director) के पद पर कार्यरत हैं। बैंक के संचालन, जोखिम प्रबंधन और कारोबारी रणनीति में उनकी गहरी विशेषज्ञता को देखते हुए उन्हें इस पद का स्वाभाविक दावेदार माना जा रहा है।
कार्यकाल से जुड़ी एक चुनौती
हालांकि, भरूचा के सीईओ बनने की राह में एक नियामकीय चुनौती भी है। RBI के नियमों के मुताबिक, किसी भी बैंक में एक पूर्णकालिक निदेशक लगातार 15 साल से ज्यादा सेवा नहीं दे सकता। भरूचा जून 2014 में बोर्ड में शामिल हुए थे, जिसका मतलब है कि वह जून 2029 में 15 साल की सीमा तक पहुंच जाएंगे।
अगर उन्हें अक्टूबर 2026 में सीईओ नियुक्त किया जाता है, तो उनका कार्यकाल तीन साल से भी कम का रह सकता है। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि विशेष परिस्थितियों में RBI इस अवधि को बढ़ाने की अनुमति दे सकता है, लेकिन इस पर अभी कोई स्पष्टता नहीं है।
उत्तराधिकार की प्रक्रिया क्या है?
RBI के दिशा-निर्देशों के अनुसार, निजी बैंकों को सीईओ का कार्यकाल खत्म होने से कम से कम छह महीने पहले उत्तराधिकार की प्रक्रिया शुरू करनी होती है। बैंक की नामांकन और पारिश्रमिक समिति को आंतरिक और बाहरी, दोनों तरह के उम्मीदवारों पर विचार करना होता है। इसके बाद वरीयता क्रम में दो से तीन नामों की सूची RBI को भेजी जाती है, जिसकी अंतिम मंजूरी के बाद ही नियुक्ति होती है। यह चयन बैंक के भविष्य के लिए बेहद महत्वपूर्ण है, खासकर तब जब बैंक हाल ही में HDFC लिमिटेड के साथ हुए विलय के बाद अपने कारोबार को एकीकृत कर रहा है।
इनपुट: IANS



