Purple Style Labs IPO: निवेश से पहले जान लें कंपनी से जुड़े ये 5 बड़े जोखिम
फैशन कंपनी पर्पल स्टाइल लैब्स का आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (IPO) निवेशकों के लिए खुल गया है। यह इश्यू 2 सितंबर तक खुला रहेगा, लेकिन इसमें निवेश करने से पहले कंपनी से जुड़े कुछ बड़े जोखिमों पर गौर करना…
फैशन कंपनी पर्पल स्टाइल लैब्स का आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (IPO) निवेशकों के लिए खुल गया है। यह इश्यू 2 सितंबर तक खुला रहेगा, लेकिन इसमें निवेश करने से पहले कंपनी से जुड़े कुछ बड़े जोखिमों पर गौर करना ज़रूरी है, जिनका ज़िक्र कंपनी ने खुद अपने रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (RHP) में किया है। समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के मुताबिक, कंपनी लगातार बढ़ते घाटे और कर्ज की समस्या से जूझ रही है।
लगातार बढ़ता घाटा और कर्ज
कंपनी के वित्तीय आंकड़े बताते हैं कि उसका घाटा साल-दर-साल बढ़ता जा रहा है। वित्त वर्ष 2023-24 में पर्पल स्टाइल लैब्स का एकीकृत घाटा 47.71 करोड़ रुपए था, जो वित्त वर्ष 2024-25 में बढ़कर 188.38 करोड़ रुपए और वित्त वर्ष 2025-26 में 285.40 करोड़ रुपए तक पहुँच गया। इसी तरह, 31 मार्च, 2026 तक कंपनी पर कुल कर्ज तेजी से बढ़कर 371.40 करोड़ रुपए हो गया, जबकि यह वित्त वर्ष 25 में 112.79 करोड़ रुपए था।
राजस्व बढ़ा, पर मुनाफा घटा
आंकड़ों के अनुसार, कंपनी की कुल आय वित्त वर्ष 25 के 494 करोड़ रुपए से बढ़कर वित्त वर्ष 26 में 567.07 करोड़ रुपए हो गई। हालांकि, इसी अवधि में कंपनी का EBITDA (ब्याज, टैक्स, डेप्रिसिएशन और अमॉर्टाइजेशन से पहले की कमाई) 41.99 करोड़ रुपए से घटकर 30.37 करोड़ रुपए रह गया, जो मुनाफे पर दबाव का संकेत है।
कारोबार से जुड़े अन्य जोखिम
महिलाओं के कपड़ों पर निर्भरता: कंपनी का कारोबार काफी हद तक महिलाओं के कपड़ों पर केंद्रित है। वित्त वर्ष 26 में 'पर्नियाज पॉप-अप शॉप' के कुल GMV में इस सेगमेंट का हिस्सा 77.7 प्रतिशत था। फैशन ट्रेंड या ग्राहकों की पसंद में बदलाव का सीधा असर कंपनी की बिक्री पर पड़ सकता है।
ब्रांड और बौद्धिक संपदा विवाद: RHP के अनुसार, कंपनी को पर्निया कुरैशी और एक विक्रेता से नोटिस मिला है, जिसमें 'पर्नियाज पॉप-अप शॉप' ब्रांड से जुड़े लाइसेंस एग्रीमेंट को खत्म करने की मांग की गई है। यह एक बड़ा बौद्धिक संपदा जोखिम है।
कीमत तय करने में सीमित अधिकार: पर्पल स्टाइल लैब्स डिजाइनर ब्रांड बेचती है, जहाँ उत्पादों की कीमतें डिजाइनर ही तय करते हैं। साथ ही, कई समझौते नॉन-एक्सक्लूसिव होते हैं, जिससे डिजाइनर अन्य प्लेटफॉर्म पर भी अपने उत्पाद बेच सकते हैं। इससे कंपनी की प्रतिस्पर्धा और मूल्य-निर्धारण क्षमता सीमित हो जाती है।
IPO से जुड़ी अहम जानकारी
इस आईपीओ का कुल आकार 680 करोड़ रुपए है, जिसके तहत 1.18 करोड़ नए शेयर जारी किए जा रहे हैं। कंपनी ने इसके लिए प्रति शेयर 546-575 रुपए का प्राइस बैंड तय किया है। शेयरों को एनएसई और बीएसई पर लिस्ट करने का प्रस्ताव है, और लिस्टिंग की संभावित तारीख 7 सितंबर रखी गई है।
इनपुट: IANS



