गुजरात में पासपोर्ट वेरिफिकेशन हुआ आसान, अब पुलिस स्टेशन के चक्कर लगाने की जरूरत नहीं
गुजरात में पासपोर्ट बनवाने की प्रक्रिया से गुजर रहे आवेदकों के लिए एक बड़ी राहत की खबर है। राज्य पुलिस ने पासपोर्ट सत्यापन की व्यवस्था को अब पहले से कहीं ज्यादा सरल बना दिया है। नई प्रक्रिया के तह…
गुजरात में पासपोर्ट बनवाने की प्रक्रिया से गुजर रहे आवेदकों के लिए एक बड़ी राहत की खबर है। राज्य पुलिस ने पासपोर्ट सत्यापन की व्यवस्था को अब पहले से कहीं ज्यादा सरल बना दिया है। नई प्रक्रिया के तहत, आवेदकों को वेरिफिकेशन के लिए पुलिस स्टेशन जाने की अनिवार्यता खत्म कर दी गई है, जिससे लोगों को अनावश्यक असुविधा से बचाया जा सकेगा।
समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, इस बदलाव का उद्देश्य पासपोर्ट सत्यापन को अधिक पारदर्शी, कुशल और नागरिक-हितैषी बनाना है। गुजरात के पुलिस महानिदेशक (DGP) ज्ञानेंद्र सिंह मलिक ने राज्य के सभी पुलिस अधिकारियों और थानों को इस संबंध में नए दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं।
क्या है नई प्रक्रिया?
नए निर्देशों के अनुसार, पुलिस अब मुख्य रूप से सिर्फ दो पहलुओं पर ध्यान केंद्रित करेगी — आवेदक की नागरिकता और उसकी आपराधिक पृष्ठभूमि। पुलिस अधिकारियों को आवेदक के रिहायशी पते का अलग से सत्यापन करने की कोई जरूरत नहीं होगी। इसके अलावा, सामान्य मामलों में पुलिस को आवेदक से व्यक्तिगत रूप से मिलने या उनके हस्ताक्षर लेने की भी आवश्यकता नहीं होगी।
कब घर आएगी पुलिस?
पुलिस किसी आवेदक के घर पर केवल विशेष या असाधारण परिस्थितियों में ही जाएगी। ऐसा तभी होगा जब सत्यापन के दौरान कोई संदिग्ध जानकारी सामने आए या किसी तथ्य की पुष्टि के लिए आगे की जांच जरूरी समझी जाए। हालांकि, ऐसी स्थिति में भी आवेदक को पुलिस स्टेशन में हाजिर होने के लिए नहीं कहा जाएगा।
डीजीपी मलिक ने सभी पुलिस अधिकारियों को संशोधित निर्देशों का सख्ती से पालन करने का आदेश दिया है। गुजरात पुलिस ने नागरिकों से भी अपील की है कि वे इस सरलीकृत प्रक्रिया को समझें और पासपोर्ट सत्यापन के दौरान किसी भी अनावश्यक प्रक्रिया से बचें।
इनपुट: IANS



