गुजरात: मानसून में बीमारियों से लड़ने की बड़ी तैयारी, 94 लाख मलेरिया जांच और घर-घर सर्वे
गुजरात में मानसून के दौरान फैलने वाली मच्छर-जनित बीमारियों से निपटने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने एक बड़ा अभियान छेड़ दिया है। इस साल अब तक रिकॉर्ड 94 लाख से ज़्यादा लोगों की मलेरिया जांच की जा चुकी है…
गुजरात में मानसून के दौरान फैलने वाली मच्छर-जनित बीमारियों से निपटने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने एक बड़ा अभियान छेड़ दिया है। इस साल अब तक रिकॉर्ड 94 लाख से ज़्यादा लोगों की मलेरिया जांच की जा चुकी है, जिसमें 486 मामलों की पुष्टि हुई। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के मार्गदर्शन में चलाए जा रहे इस अभियान का लक्ष्य मलेरिया, डेंगू और चिकनगुनिया के प्रसार को प्रभावी ढंग से रोकना है।
इस व्यापक पहल के तहत राज्य भर में 19,500 से अधिक स्वास्थ्य टीमें घर-घर जाकर सर्वे कर रही हैं। इन टीमों ने अब तक 6.51 करोड़ से ज़्यादा की आबादी को कवर किया है। सर्वे के दौरान बुखार के लक्षण वाले लोगों की तुरंत जांच की जा रही है, जिससे मलेरिया के 28 नए मरीजों का पता चला और उनका तत्काल इलाज शुरू किया गया।
जांच और इलाज की पुख्ता व्यवस्था
मलेरिया के अलावा अन्य वेक्टर-जनित रोगों की जांच के लिए भी खास इंतजाम किए गए हैं। राज्य के मेडिकल कॉलेजों से जुड़े 42 अस्पतालों में विशेष जांच केंद्र स्थापित किए गए हैं। इन केंद्रों पर डेंगू के लिए 65,293 और चिकनगुनिया के लिए 9,963 सीरम सैंपलों की जांच पूरी हो चुकी है। स्वास्थ्य विभाग ने पुष्टि की है कि सभी संक्रमित मरीजों को सरकार की ओर से निशुल्क उपचार मुहैया कराया जा रहा है।
रोकथाम के लिए जमीनी स्तर पर कार्रवाई
बीमारियों को फैलने से पहले ही रोकने के लिए मच्छरों के प्रजनन स्थलों पर निशाना साधा जा रहा है। अधिकारियों ने बताया कि पूरे राज्य में 29 लाख से अधिक ऐसे संभावित स्थानों को नष्ट किया गया है जहां मच्छर पनप सकते थे। इसके अलावा, 3 लाख से ज्यादा घरों में फॉगिंग भी कराई गई है। एक दीर्घकालिक उपाय के तौर पर, साल भर पानी भरे रहने वाले 4,998 स्थानों पर लार्वा खाने वाली गंबूसिया मछलियां छोड़ी गई हैं।
संवेदनशील इलाकों में कीटनाशक का छिड़काव
अभियान के तहत 24 संवेदनशील जिलों के 116 गांवों में कीटनाशक छिड़काव का पहला चरण पूरा हो चुका है, जिससे लगभग 1.06 लाख लोग सुरक्षित हुए हैं। छिड़काव का दूसरा चरण 1 अगस्त से शुरू किया जाएगा। स्वास्थ्य मंत्री प्रफुल पानसेरिया ने सभी सरपंचों से अपील की ہے कि वे इस अभियान को जन आंदोलन बनाने में प्रशासनिक और सामाजिक सहयोग दें। विभाग ने यह भी सुनिश्चित किया है कि राज्य में दवाओं और कीटनाशकों का पर्याप्त भंडार मौजूद है।
इनपुट: IANS



