शुक्रवार, 17 जुलाई 2026 · नई दिल्ली
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शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद की राजनीतिक दलों को चेतावनी: "जो गोरक्षा की गारंटी देगा, वोट उसी को मिलेगा"

शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने देश में गोरक्षा कानून न बनने पर गहरी नाराज़गी जताते हुए राजनीतिक दलों को एक कड़ा संदेश दिया है। उन्होंने कहा है कि अब हिंदू समाज केवल उसी दल को वोट देगा…

शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद की राजनीतिक दलों को चेतावनी: "जो गोरक्षा की गारंटी देगा, वोट उसी को मिलेगा"
(फोटो: IANS)

शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने देश में गोरक्षा कानून न बनने पर गहरी नाराज़गी जताते हुए राजनीतिक दलों को एक कड़ा संदेश दिया है। उन्होंने कहा है कि अब हिंदू समाज केवल उसी दल को वोट देगा जो गाय की रक्षा की गारंटी देगा। समाचार एजेंसी IANS से बातचीत में उन्होंने यह भी कहा कि सभी पार्टियों को इस पर विचार करने के लिए 6 से 8 महीने का समय दिया गया है।

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शुक्रवार को अयोध्या में शंकराचार्य ने कहा, "गाय माता की रक्षा करना हमारा परम कर्तव्य है। जिस देश में 100 करोड़ से ज्यादा हिंदू रहते हैं, उस देश में गायों को मारा, काटा और बेचा जाता है।" उन्होंने याद दिलाया कि आज़ादी से पहले सनातनियों से वादा किया गया था कि स्वतंत्र भारत में गोरक्षा के लिए कड़ा कानून बनेगा, लेकिन 78 साल बाद भी ऐसा नहीं हो सका है।

कानून और राजनीति पर सवाल

शंकराचार्य ने इस बात पर दुख जताया कि कानूनी तौर पर गाय को आज भी वही दर्जा प्राप्त है जो अंग्रेज़ों के शासन में था। उन्होंने कहा, "दुर्भाग्यपूर्ण है कि अंग्रेजों के शासनकाल में गाय को महज एक 'जानवर' कहा जाता था और आज भी देश के कानून में उसे वही दर्जा प्राप्त है, जबकि हिंदू समाज में गाय को 'माता' माना जाता है।"

राजनीतिक दलों की मंशा पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि पार्टियां गाय को गुड़-चना खिलाकर तस्वीरें खिंचवाती हैं, लेकिन आंकड़े बताते हैं कि वे असल में "भक्षक" हैं। उन्होंने कहा, "भारत की राजनीति चूंकि पूरी तरह 'वोट' पर टिकी है, इसलिए अब वे मतदाताओं से केवल उसी दल को वोट देने का संकल्प कराएंगे जो गोरक्षा की गारंटी देगा।"

केंद्र सरकार और राम मंदिर प्रबंधन की आलोचना

स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने केंद्र की सत्ताधारी पार्टी पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा, "पहले चुनाव के समय 'नरेंद्र मोदी को वोट मत दो, गोमाता को जीवन दो' नारा चलवाया गया था। देश की जनता ने इसी उम्मीद में पिछले 12 वर्षों में लगातार भाजपा को सत्ता की कमान सौंपी, लेकिन तीन बार सरकार बनने के बावजूद आज भी सवाल जस का तस खड़ा है क्या वाकई गोमाता को जीवन मिला।"

इसके अलावा उन्होंने अयोध्या राम मंदिर के प्रबंधन को लेकर भी गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने कहा, "जिस संगठन ने आज तक अपने कार्यालयों में प्रभु श्री राम की तस्वीर नहीं लगाई, वे आज राम मंदिर के प्रबंधन के सर्वेसर्वा बने बैठे हैं।" शंकराचार्य ने मुख्यमंत्री की स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम पर भी भरोसा न जताते हुए उन पर "चोरों को बचाने" और मुद्दे से ध्यान भटकाने का आरोप लगाया।

इनपुट: IANS

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News4Social धर्म-संस्कृति डेस्क

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