भारत में AI क्रांति को गूगल का नया बूस्ट: शिक्षा, स्वास्थ्य और सुरक्षा के लिए कई बड़े ऐलान
भारत के तेजी से बढ़ते आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) इकोसिस्टम को और मजबूत करने के लिए टेक दिग्गज गूगल ने कई नई पहलों और साझेदारियों की घोषणा की है। बेंगलुरु में हुए 'गूगल आई/ओ कनेक्ट इंडिया 2026' सम्मेल
भारत के तेजी से बढ़ते आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) इकोसिस्टम को और मजबूत करने के लिए टेक दिग्गज गूगल ने कई नई पहलों और साझेदारियों की घोषणा की है। बेंगलुरु में हुए 'गूगल आई/ओ कनेक्ट इंडिया 2026' सम्मेलन के दौरान कंपनी ने डेवलपर्स, स्टार्टअप्स और शैक्षणिक संस्थानों के लिए खास तौर पर तैयार किए गए नए AI टूल्स और कार्यक्रमों का अनावरण किया।
समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, इन घोषणाओं का मकसद भारत में AI नवाचार को बढ़ावा देना है। इस मौके पर कंपनी ने यह भी बताया कि गूगल प्ले स्टोर और एंड्रॉयड इकोसिस्टम ने 2025 में भारतीय ऐप पब्लिशर्स और अर्थव्यवस्था के लिए करीब 5.3 लाख करोड़ रुपये (लगभग 60 अरब डॉलर) का राजस्व पैदा किया, जो पिछले साल की तुलना में 28% अधिक है।
शिक्षा और रिसर्च पर खास जोर
गूगल डीपमाइंड ने 'AI रिसर्च फाउंडेशन्स' नाम से 56 घंटे का एक मुफ्त ट्रेनिंग प्रोग्राम लॉन्च किया है। इसका उद्देश्य सीखने वालों को लार्ज लैंग्वेज मॉडल (LLM) बनाने और उन्हें बेहतर बनाने (फाइन-ट्यून) की ट्रेनिंग देना है। इस कार्यक्रम को नैसकॉम, भारतीय विज्ञान संस्थान (IISc), बेंगलुरु और अन्य शैक्षणिक संस्थानों के सहयोग से शुरू किया जाएगा। इसके अलावा, अटल इनोवेशन मिशन के तहत शिक्षकों के लिए जेमिनी AI पर आधारित 'ATL सारथी' नामक एक AI असिस्टेंट भी लॉन्च किया गया है, जिसे शुरुआती दौर में देश के 100 स्कूलों में लागू किया जाएगा।
स्वास्थ्य और साइबर सुरक्षा में AI का इस्तेमाल
स्वास्थ्य के क्षेत्र में गूगल ने बताया कि एम्स दिल्ली के शोधकर्ता कंपनी के मेडजेमा ओपन AI मॉडल का उपयोग कर रहे हैं। वे कुष्ठ रोग और यौन एवं प्रजनन स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याओं के लिए भारत-केंद्रित AI टूल विकसित कर रहे हैं। गूगल ने यह भी कहा कि इन परियोजनाओं से विकसित AI मॉडल बाद में भारतीय डेवलपर समुदाय के लिए भी उपलब्ध कराए जाएंगे। गूगल इंडिया की कंट्री मैनेजर प्रीति लोबाना के मुताबिक, "जैसे-जैसे दुनिया एजेंटिक AI के दौर में प्रवेश कर रही है, हमारा फोकस ऐसा इंफ्रास्ट्रक्चर और सुरक्षा व्यवस्था उपलब्ध कराने पर है, जिससे पूरा AI इकोसिस्टम सुरक्षित तरीके से बड़े स्तर पर विकसित हो सके।"
स्थानीय भाषाओं के लिए बड़ा कदम
एक अहम घोषणा में गूगल ने बताया कि उसका AI टूल जेमिनी लाइव अब संस्कृत, भोजपुरी और मैथिली समेत 25 भारतीय भाषाओं और बोलियों को सपोर्ट करता है। इस कदम से ज्यादा से ज्यादा भारतीय अपनी मातृभाषा में AI का फायदा उठा सकेंगे। कार्यक्रम में मौजूद कर्नाटक के मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार ने गूगल के योगदान की सराहना करते हुए कहा, "गूगल ने छात्रों के सीखने का तरीका, कारोबार के बढ़ने का तरीका, सरकारों की सेवा देने की प्रक्रिया और अरबों लोगों के ज्ञान तक पहुंचने के तरीके को पूरी तरह बदल दिया है। यह एक असाधारण योगदान है।"
इनपुट: IANS



