मंगलवार, 28 जुलाई 2026 · नई दिल्ली
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मुक्त व्यापार समझौतों से भारत का निर्यात रिकॉर्ड ऊंचाई पर, जानिए UAE और ऑस्ट्रेलिया समेत किन देशों में मिली बड़ी सफलता

वित्त वर्ष 2023-24 में भारत ने वस्तु और सेवा क्षेत्र में कुल 863.1 अरब डॉलर का रिकॉर्ड निर्यात किया है। सरकार के अनुसार, इस ऐतिहासिक उपलब्धि में विभिन्न देशों के साथ किए गए मुक्त व्यापार समझौतों…

मुक्त व्यापार समझौतों से भारत का निर्यात रिकॉर्ड ऊंचाई पर, जानिए UAE और ऑस्ट्रेलिया समेत किन देशों में मिली बड़ी सफलता
(फोटो: IANS)

वित्त वर्ष 2023-24 में भारत ने वस्तु और सेवा क्षेत्र में कुल 863.1 अरब डॉलर का रिकॉर्ड निर्यात किया है। सरकार के अनुसार, इस ऐतिहासिक उपलब्धि में विभिन्न देशों के साथ किए गए मुक्त व्यापार समझौतों (Free Trade Agreements - FTAs) की अहम भूमिका रही है। समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के मुताबिक, इन समझौतों से न सिर्फ भारतीय निर्यातकों को नए वैश्विक बाजारों तक बेहतर पहुंच मिली है, बल्कि निर्यात में विविधता भी बढ़ी है।

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मंगलवार को लोकसभा में एक लिखित जवाब में वाणिज्य एवं उद्योग राज्य मंत्री जितिन प्रसाद ने बताया कि पिछले वित्त वर्ष में वस्तुओं का निर्यात (Merchandise Export) 441.8 अरब डॉलर रहा, जबकि सेवा निर्यात (Service Export) 421.3 अरब डॉलर तक पहुंच गया। उन्होंने कहा कि इन दोनों क्षेत्रों के शानदार प्रदर्शन ने मिलकर भारत के कुल निर्यात को अब तक के सर्वोच्च स्तर पर पहुंचाया है।

FTA से कैसे मिला फायदा?

मंत्री जितिन प्रसाद ने संसद को जानकारी दी कि सरकार 2021 के बाद लागू हुए सभी व्यापार समझौतों के तहत निर्यातकों द्वारा उठाए गए लाभ की लगातार निगरानी करती है। इसके लिए जारी किए गए 'सर्टिफिकेट ऑफ ओरिजिन' और साझेदार देशों के व्यापारिक आंकड़ों का विश्लेषण किया जाता है। ये सर्टिफिकेट इस बात का प्रमाण होते हैं कि भारतीय निर्यातक दूसरे देशों में टैक्स छूट का फायदा उठा रहे हैं।

यूएई के साथ समझौता (CEPA): 1 मई 2022 से लागू हुए भारत-यूएई व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौते के बाद से अब तक 4.45 लाख 'सर्टिफिकेट ऑफ ओरिजिन' जारी किए गए हैं। इससे पता चलता है कि भारतीय कंपनियां इस समझौते का भरपूर लाभ उठा रही हैं। इसके चलते वित्त वर्ष 2023-24 में यूएई को निर्यात होने वाली वस्तुओं की संख्या (टैरिफ लाइन्स) बढ़कर 8,053 हो गई, जो वित्त वर्ष 2021-22 में 7,546 थी। इन वस्तुओं का कुल मूल्य 37.3 अरब डॉलर रहा।

ऑस्ट्रेलिया के साथ समझौता (ECTA): भारत-ऑस्ट्रेलिया आर्थिक सहयोग एवं व्यापार समझौते के तहत अब तक 2.73 लाख 'सर्टिफिकेट ऑफ ओरिजिन' जारी हुए हैं। समझौते से पहले, वित्त वर्ष 2020-21 में सिर्फ 1,482 सर्टिफिकेट जारी हुए थे। वहीं, समझौता लागू होने के बाद हर साल औसतन 45,527 सर्टिफिकेट जारी हो रहे हैं। ऑस्ट्रेलिया को निर्यात होने वाली वस्तुओं की संख्या भी वित्त वर्ष 2021-22 के 5,396 से बढ़कर वित्त वर्ष 2023-24 में 5,668 हो गई, जिनका कुल मूल्य 7.2 अरब डॉलर था।

छोटे बाजारों में भी बढ़ी पहुंच

मुक्त व्यापार समझौतों का असर सिर्फ बड़े बाजारों तक ही सीमित नहीं है। भारत-मॉरीशस व्यापक आर्थिक सहयोग एवं साझेदारी समझौते (CECPA) के तहत निर्यातकों ने 1,956 'सर्टिफिकेट ऑफ ओरिजिन' का लाभ उठाया। मॉरीशस को निर्यात होने वाली वस्तुओं की संख्या वित्त वर्ष 2021-22 में 3,593 थी, जो वित्त वर्ष 2023-24 में बढ़कर 4,345 हो गई। यह 20.9% की बड़ी वृद्धि है।

जितिन प्रसाद ने यह भी बताया कि हाल के व्यापार समझौतों में टेक्सटाइल, चमड़ा और अन्य श्रम-प्रधान उद्योगों को खास प्राथमिकता दी गई है। उन्होंने कहा कि यूएई, ऑस्ट्रेलिया, ब्रिटेन, ओमान और यूरोपीय मुक्त व्यापार संघ (EFTA) के साथ हुए समझौतों ने भारतीय उत्पादों के लिए नए दरवाजे खोले हैं, साथ ही देश के संवेदनशील घरेलू क्षेत्रों के हितों की रक्षा का भी ध्यान रखा गया है।

इनपुट: IANS

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News4Social बिज़नेस डेस्क

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