तारापीठ अग्निकांड: 9 मौतों के बाद फायर सेफ्टी क्लीयरेंस देने वाले अधिकारी निलंबित
पश्चिम बंगाल के बीरभूम जिले में हुए तारापीठ अग्निकांड मामले में एक बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई हुई है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के अनुसार, 'बिदेशिनी' होटल को फायर सेफ्टी क्लीयरेंस देने वाले एक…
पश्चिम बंगाल के बीरभूम जिले में हुए तारापीठ अग्निकांड मामले में एक बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई हुई है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के अनुसार, 'बिदेशिनी' होटल को फायर सेफ्टी क्लीयरेंस देने वाले एक अग्निशमन विभाग के अधिकारी को निलंबित कर दिया गया है। सोमवार को इसी होटल में आग लगने से नौ लोगों की दुखद मौत हो गई थी।
निलंबित अधिकारी की पहचान फायर स्टेशन ऑफिसर अभय चौधरी के रूप में हुई है। उन्होंने होटल के फायर फाइटिंग सिस्टम की जांच के बाद उसे क्लीयरेंस दिया था, जिस पर अब गंभीर सवाल उठ रहे हैं। यह कार्रवाई सोमवार को हुई आग की घटना के बाद की गई है, जिसमें मेघालय के एक ही परिवार के पांच सदस्यों सहित कुल नौ लोगों ने अपनी जान गंवाई थी।
प्रशासन की सख्ती और होटल मालिकों को निर्देश
भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए बीरभूम जिला प्रशासन ने बुधवार को बोलपुर में होटल मालिकों और प्रबंधकों के साथ एक बैठक की। इस बैठक में बोलपुर के एडिशनल एसपी मानवेंद्र दास, बोलपुर पुलिस स्टेशन के इंस्पेक्टर-इन-चार्ज सुदीप्तो मुखर्जी और अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।
बैठक में सभी होटलों को आग से सुरक्षा के नियमों का कड़ाई से पालन करने का निर्देश दिया गया। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि आने वाले दिनों में होटलों का औचक निरीक्षण किया जाएगा। अगर इस दौरान किसी भी होटल में जरूरी दस्तावेज, आग बुझाने के उपकरण या सुरक्षा प्रणाली में कोई कमी पाई जाती है, तो मालिक या प्रबंधन के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
अब तक की कार्रवाई और घटनाक्रम
इस मामले में मंगलवार को जिला प्रशासन ने प्रसिद्ध देवी तारा मंदिर के पास स्थित 15 होटलों को अनिश्चित काल के लिए बंद करने का आदेश जारी किया था। यह नोटिस होटल 'बिदेशिनी' के मुख्य मालिक प्रोबीर पॉल की गिरफ्तारी के ठीक बाद जारी हुआ। इससे पहले सोमवार को पुलिस ने उनके बेटे और सह-मालिक कल्याण पॉल को भी गिरफ्तार कर लिया था।
सोमवार शाम तक आग लगने की इस घटना में आठ लोगों की मौत की पुष्टि हुई थी। बाद में सोमवार रात को रामपुरहाट सरकारी मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में इलाज करा रहे राजेश शर्मा ने भी दम तोड़ दिया, जिसके बाद मृतकों की कुल संख्या बढ़कर नौ हो गई। राजेश शर्मा उत्तर बंगाल के जलपाईगुड़ी जिले के धूपगुड़ी के रहने वाले थे।
इनपुट: IANS



