शनिवार, 29 अगस्त 2026 · नई दिल्ली
स्वास्थ्य

जम्मू-कश्मीर: स्कूलों के पास अब नहीं मिलेगा जंक फूड, 50 मीटर के दायरे में बिक्री पर लगी रोक

जम्मू-कश्मीर में स्कूली बच्चों की सेहत को ध्यान में रखते हुए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) ने केंद्र शासित प्रदेश के सभी स्कूलों के 50 मीटर के दायरे में जंक फूड की…

जम्मू-कश्मीर: स्कूलों के पास अब नहीं मिलेगा जंक फूड, 50 मीटर के दायरे में बिक्री पर लगी रोक
(फोटो: IANS)

जम्मू-कश्मीर में स्कूली बच्चों की सेहत को ध्यान में रखते हुए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) ने केंद्र शासित प्रदेश के सभी स्कूलों के 50 मीटर के दायरे में जंक फूड की बिक्री पर पूरी तरह से रोक लगा दी है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, यह निर्देश गुरुवार को जारी किया गया, जिसका उद्देश्य बच्चों के लिए सुरक्षित और पौष्टिक भोजन सुनिश्चित करना है।

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FDA ने विद्यालय शिक्षा विभाग को भेजे एक पत्र में खाद्य सुरक्षा और मानक (स्कूल में बच्चों के लिए सुरक्षित भोजन और संतुलित आहार) विनियम 2020 को सख्ती से लागू करने के लिए कहा है। यह नियम सभी सरकारी और निजी स्कूलों पर समान रूप से लागू होगा।

क्या हैं नए नियम और किसकी होगी ज़िम्मेदारी?

इन नियमों के तहत, ऐसे खाद्य पदार्थ जिनमें संतृप्त वसा, ट्रांस वसा, अतिरिक्त चीनी या सोडियम की मात्रा अधिक हो, उन्हें न तो स्कूल परिसर के अंदर बेचा जा सकेगा और न ही परोसा जा सकेगा। यह प्रतिबंध स्कूल गेट से किसी भी दिशा में 50 मीटर के दायरे में भी लागू रहेगा। इस क्षेत्र में स्कूली बच्चों को लक्षित कर ऐसे उत्पादों की बिक्री, मार्केटिंग या विज्ञापन करना भी प्रतिबंधित है।

स्कूल प्रबंधन की ज़िम्मेदारी भी तय की गई है। स्कूल अधिकारियों या स्कूल में कैंटीन चलाने वाले खाद्य व्यवसाय संचालकों के लिए खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के तहत लाइसेंस लेना या पंजीकरण कराना अनिवार्य होगा। उन्हें स्वच्छता और स्वास्थ्य संबंधी सभी निर्धारित शर्तों का पालन करना होगा। साथ ही, इन प्रतिष्ठानों को खाद्य सुरक्षा डिस्प्ले बोर्ड लगाना भी ज़रूरी है।

स्वस्थ आदतों को बढ़ावा देने पर ज़ोर

निर्देशों में स्कूलों को बच्चों के बीच स्वस्थ खान-पान की आदतों को बढ़ावा देने के लिए भी कहा गया है। इसके लिए उन्हें भोजन का समय निर्धारित करना होगा और सभी छात्रों को मुफ़्त में सुरक्षित पीने का पानी उपलब्ध कराना होगा। स्कूल अधिकारियों, जिनमें प्रधानाचार्य और प्रधानाध्यापक शामिल हैं, को कैंटीन का नियमित निरीक्षण करने और परोसे जा रहे भोजन की गुणवत्ता, सुरक्षा और स्वच्छता की निगरानी करने का काम सौंपा गया है। FDA ने यह भी सुझाव दिया है कि स्कूल एक 'स्वास्थ्य एवं कल्याण राजदूत' नियुक्त कर सकते हैं या एक टीम बना सकते हैं जो इन नियमों के पालन की निगरानी करेगी।

इनपुट: IANS

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