गुरूवार, 20 अगस्त 2026 · नई दिल्ली
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कर्नाटक: नकली दवाओं की सूचना देने पर मिलेगा 50,000 रुपये तक का इनाम, पहचान रहेगी गुप्त

कर्नाटक सरकार ने राज्य में नकली दवाओं के कारोबार पर लगाम कसने के लिए एक बड़ी पहल की है। स्वास्थ्य मंत्री यूटी खादर ने घोषणा की है कि नकली दवाओं की बिक्री या आपूर्ति के बारे में विश्वसनीय जानकारी देने…

कर्नाटक: नकली दवाओं की सूचना देने पर मिलेगा 50,000 रुपये तक का इनाम, पहचान रहेगी गुप्त
(फोटो: IANS)

कर्नाटक सरकार ने राज्य में नकली दवाओं के कारोबार पर लगाम कसने के लिए एक बड़ी पहल की है। स्वास्थ्य मंत्री यूटी खादर ने घोषणा की है कि नकली दवाओं की बिक्री या आपूर्ति के बारे में विश्वसनीय जानकारी देने वाले व्यक्ति को 10,000 से लेकर 50,000 रुपये तक का इनाम दिया जाएगा। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, इस कदम का उद्देश्य जनता की मदद से ऐसे नेटवर्क को ध्वस्त करना है जो लोगों की सेहत के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं।

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यह घोषणा हाल ही में रामनगर जिले में हुई एक बड़ी कार्रवाई के बाद की गई है, जहाँ कई बड़ी बहुराष्ट्रीय कंपनियों के लेबल वाली लगभग 5 करोड़ रुपये की नकली दवाएं जब्त की गईं। मंत्री ने कहा कि शुरुआती जांच में इस रैकेट के तार देश के दूसरे हिस्सों से भी जुड़े होने के संकेत मिले हैं, जिसके चलते उन्होंने अंतरराज्यीय जांच की मांग की है।

जनता से सहयोग की अपील

बेंगलुरु में पत्रकारों से बात करते हुए मंत्री यूटी खादर ने कहा कि स्वास्थ्य एवं खाद्य सुरक्षा विभाग में कर्मचारियों की संख्या सीमित है, जिस कारण हर जगह नजर रखना मुश्किल है। उन्होंने बताया, "कर्नाटक की कुल 6.5 करोड़ की आबादी के लिए विभाग में सिर्फ 200 कर्मचारी हैं। ऐसी स्थिति में हम भला ऐसे नेटवर्क का पता कैसे लगाएंगे?" उन्होंने जनता से अपील की कि अगर उन्हें ऐसे किसी भी रैकेट की भनक लगती है तो वे तुरंत विभाग को सूचित करें।

कैसे दें सूचना और क्या रखें सावधानी

नागरिकों की सुविधा के लिए, स्वास्थ्य विभाग ने एक हेल्पलाइन नंबर 1902 और एक QR कोड जारी किया है। इन माध्यमों से कोई भी व्यक्ति नकली दवाओं से जुड़ी जानकारी दे सकता है। अधिकारियों ने भरोसा दिलाया है कि सूचना देने वाले व्यक्ति की पहचान पूरी तरह से गोपनीय रखी जाएगी।

मंत्री ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह देते हुए कहा, "अगर कोई आपको महंगी दवा बहुत कम कीमत पर बेचने की कोशिश करे, तो सतर्क हो जाएं। सवाल पूछें कि उनके पास इतनी सस्ती दवा कैसे आई और इसकी जानकारी हमें फौरन दें।"

जांच का दायरा बढ़ा

अतिरिक्त ड्रग कंट्रोलर डॉ. उमेश एस. ने भी पुष्टि की है कि यह नेटवर्क सिर्फ कर्नाटक तक सीमित नहीं है, बल्कि दूसरे राज्यों में भी सक्रिय है। उन्होंने बताया कि इस बारे में ड्रग्स कंट्रोलर और स्टेट लाइसेंसिंग अथॉरिटी को सूचित कर दिया गया है। सभी अस्पतालों और मेडिकल स्टोर्स में निरीक्षण करने के निर्देश दिए गए हैं। अधिकारियों को वितरकों, खरीद के विवरण (purchase details) और बैच नंबरों की भी जांच करने को कहा गया है ताकि असली और नकली दवाओं की पहचान की जा सके।

इनपुट: IANS

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News4Social नेशनल डेस्क

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