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विवेकानंद रेड्डी हत्याकांड: मनी लॉन्ड्रिंग मामले में YSRCP सांसद अविनाश रेड्डी के ठिकानों पर ED की तलाशी

प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने आंध्र प्रदेश के चर्चित वाई.एस. विवेकानंद रेड्डी हत्याकांड से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में अपनी जांच तेज कर दी है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, एजेंसी ने शुक्रवार को…

विवेकानंद रेड्डी हत्याकांड: मनी लॉन्ड्रिंग मामले में YSRCP सांसद अविनाश रेड्डी के ठिकानों पर ED की तलाशी
(फोटो: IANS)

प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने आंध्र प्रदेश के चर्चित वाई.एस. विवेकानंद रेड्डी हत्याकांड से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में अपनी जांच तेज कर दी है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, एजेंसी ने शुक्रवार को वाईएसआर कांग्रेस पार्टी (YSRCP) के कडप्पा से सांसद वाई.एस. अविनाश रेड्डी और अन्य आरोपियों से जुड़े कई ठिकानों पर तलाशी अभियान चलाया। यह कार्रवाई हैदराबाद और आंध्र प्रदेश के वाईएसआर कडपा जिले में एक साथ की गई।

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ईडी के अधिकारियों ने हैदराबाद में दो और कडपा जिले में चार स्थानों पर तलाशी ली। इसमें सांसद अविनाश रेड्डी, उनके पिता वाई.एस. भास्कर रेड्डी और मामले के अन्य आरोपी सुनील यादव, देवीरेड्डी शिवशंकर रेड्डी और येरा गंगिरेड्डी के परिसर शामिल थे। हैदराबाद के कोकापेट में सांसद के आवास पर तलाशी ली गई, जबकि कडपा जिले के पुलिवेंदुला में उनका घर बंद मिला।

हत्या के लिए 4 करोड़ के लेनदेन की जांच

यह मामला केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) द्वारा दर्ज एफआईआर और चार्जशीट पर आधारित है, जिसके आधार पर ED ने पिछले साल अगस्त में एनफोर्समेंट केस इन्फॉर्मेशन रिपोर्ट (ECIR) दर्ज की थी। एजेंसी इस बात की जांच कर रही है कि हत्या को अंजाम देने के लिए पैसों का लेनदेन हुआ था। आरोपों के मुताबिक, विवेकानंद रेड्डी की हत्या के लिए 4 करोड़ रुपये दिए गए थे। ED अधिकारी इसी वित्तीय लेन-देन की कड़ियों को जोड़ने और मनी लॉन्ड्रिंग के आरोपों की पुष्टि करने का प्रयास कर रहे हैं।

क्या है विवेकानंद रेड्डी हत्याकांड?

वाई.एस. विवेकानंद रेड्डी आंध्र प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री वाई.एस. राजशेखर रेड्डी के भाई और वर्तमान मुख्यमंत्री वाई.एस. जगन मोहन रेड्डी के चाचा थे। उनकी 15 मार्च, 2019 को चुनावों से ठीक पहले पुलिवेंदुला स्थित उनके आवास पर हत्या कर दी गई थी। 68 वर्षीय पूर्व मंत्री उस समय घर पर अकेले थे।

आंध्र प्रदेश उच्च न्यायालय के आदेश पर CBI ने 2020 में जांच अपने हाथ में ली थी। जांच एजेंसी का आरोप है कि अविनाश रेड्डी और उनके पिता भास्कर रेड्डी ने विवेकानंद रेड्डी को रास्ते से हटाने की साजिश रची, क्योंकि वह कडप्पा लोकसभा सीट से अविनाश की उम्मीदवारी का विरोध कर रहे थे। हालांकि, पिता-पुत्र दोनों ने इन आरोपों को खारिज किया है। CBI इस मामले में 2021 से 2023 के बीच मुख्य और पूरक आरोपपत्र दाखिल कर चुकी है।

इनपुट: IANS

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News4Social नेशनल डेस्क

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