निर्माण सामग्री की आपूर्ति पर तमिलनाडु से केरल को मिला आश्वासन, जल्द राहत की उम्मीद
केरल में निर्माण क्षेत्र से जुड़ी चिंताएं जल्द ही दूर हो सकती हैं। तमिलनाडु सरकार ने केरल को निर्माण सामग्री की आवाजाही पर लगी पाबंदियों से छूट देने पर विचार करने का भरोसा दिया है। समाचार एजेंसी IANS…
केरल में निर्माण क्षेत्र से जुड़ी चिंताएं जल्द ही दूर हो सकती हैं। तमिलनाडु सरकार ने केरल को निर्माण सामग्री की आवाजाही पर लगी पाबंदियों से छूट देने पर विचार करने का भरोसा दिया है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, यह आश्वासन तमिलनाडु के मुख्यमंत्री जोसेफ विजय ने केरल के मुख्यमंत्री वीडी सतीशन के साथ एक मुलाकात के दौरान दिया।
यह अहम बैठक महाबलीपुरम में आयोजित साउथ जोनल काउंसिल की बैठक के मौके पर हुई। इस बातचीत के दौरान केरल के उद्योग मंत्री पीके कुन्हालीकुट्टी भी मुख्यमंत्री सतीशन के साथ मौजूद थे। तमिलनाडु के मुख्यमंत्री के इस सकारात्मक रुख के बाद उम्मीद जताई जा रही है कि केरल के लिए चूना पत्थर (मेटल) जैसी जरूरी निर्माण सामग्री की आपूर्ति फिर से सुचारू हो जाएगी।
क्यों महत्वपूर्ण है यह छूट?
दरअसल, तमिलनाडु सरकार ने हाल ही में अपने राज्य से दूसरे राज्यों को निर्माण सामग्री, विशेषकर मेटल, भेजे जाने पर रोक लगा दी थी। इस फैसले से केरल में चिंता बढ़ गई थी, क्योंकि वह अपनी भौगोलिक और आर्थिक परिस्थितियों के कारण कई जरूरी निर्माण सामग्रियों के लिए बड़े पैमाने पर तमिलनाडु पर निर्भर है।
मुख्यमंत्री वीडी सतीशन ने अपने समकक्ष के सामने केरल की विशेष स्थिति का हवाला देते हुए पाबंदियों से छूट देने की मांग रखी। उन्होंने बताया कि अगर तमिलनाडु से सामग्री की आपूर्ति रुकती है, तो इसका सीधा असर केरल में निर्माण की लागत और उपलब्धता पर पड़ेगा, जिससे यह क्षेत्र संकट में आ सकता है।
लगातार प्रयासों के बाद मिला भरोसा
इस मुलाकात से पहले भी मुख्यमंत्री सतीशन ने तमिलनाडु के मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर इन पाबंदियों पर पुनर्विचार करने का आग्रह किया था। बैठक में उन्होंने अपनी मांग को दोहराते हुए केरल को इन नियमों से बाहर रखने पर जोर दिया।
केरल मुख्यमंत्री कार्यालय द्वारा शुक्रवार को दी गई जानकारी के मुताबिक, दोनों राज्यों ने इस मुद्दे पर आगे भी बातचीत जारी रखने और जल्द ही एक उचित समाधान निकालने पर सहमति व्यक्त की है। फिलहाल केरल सरकार की प्राथमिकता तमिलनाडु से औपचारिक छूट हासिल करना है ताकि निर्माण सामग्री का प्रवाह बिना किसी रुकावट के जारी रह सके।
इनपुट: IANS



