शुक्रवार, 31 जुलाई 2026 · नई दिल्ली
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पूर्व विधायक सब्यसाची दत्ता केस: ED ने कोलकाता में 12 ठिकानों पर की छापेमारी, सोने की खरीद से जुड़े सुरागों की तलाश

प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने गिरफ्तार तृणमूल कांग्रेस के पूर्व विधायक सब्यसाची दत्ता से जुड़े मामले में अपनी जांच तेज कर दी है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, एजेंसी ने कोलकाता में दत्ता से…

पूर्व विधायक सब्यसाची दत्ता केस: ED ने कोलकाता में 12 ठिकानों पर की छापेमारी, सोने की खरीद से जुड़े सुरागों की तलाश
(फोटो: IANS)

प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने गिरफ्तार तृणमूल कांग्रेस के पूर्व विधायक सब्यसाची दत्ता से जुड़े मामले में अपनी जांच तेज कर दी है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, एजेंसी ने कोलकाता में दत्ता से संबंधित 12 ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की है। यह कार्रवाई उस साढ़े तीन किलो सोने के सिलसिले में की जा रही है, जो हाल ही में दत्ता के आवास और बैंक लॉकर से बरामद हुआ था।

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शुक्रवार सुबह से शुरू हुई इस तलाशी का मुख्य उद्देश्य यह पता लगाना है कि क्या यह सोना जबरन वसूली और भ्रष्टाचार के जरिए कमाई गई रकम से खरीदा गया था। जांच अधिकारियों को सोने की खरीद से जुड़ी 76 करोड़ रुपए की रसीदें भी मिली हैं। दत्ता पर आय से अधिक संपत्ति रखने का भी आरोप है।

मामले की पृष्ठभूमि और गिरफ्तारी

सब्यसाची दत्ता, जो उत्तर 24 परगना जिले के बिधाननगर नगर निगम (बीएमसी) के पूर्व मेयर भी रह चुके हैं, को राज्य पुलिस ने 9 जून को गिरफ्तार किया था। उनकी गिरफ्तारी सॉल्ट लेक के एक व्यवसायी की शिकायत पर हुई थी, जिसने दत्ता पर पैसे ऐंठने का आरोप लगाया था। इससे पहले भी उनके खिलाफ भ्रष्टाचार और जबरन वसूली की कई शिकायतें दर्ज हो चुकी थीं।

इस मामले में दत्ता की एक करीबी सहयोगी और तृणमूल नेता टीना भौमिक के घर से भी सोने की खेप बरामद हुई थी। गिरफ्तारी से पहले, राज्य पुलिस ने सब्यसाची और उनकी पत्नी इंद्राणी दत्ता के पांच बैंक खाते फ्रीज कर दिए थे, जिनमें कुल 3.70 करोड़ रुपए की जमा राशि, फिक्स्ड डिपॉजिट और नकदी शामिल थी।

सब्यसाची दत्ता का राजनीतिक सफर

दत्ता 2011 से 2021 तक राजारहाट-न्यूटाउन सीट से दो बार तृणमूल कांग्रेस के विधायक रहे। हालांकि, 2021 के विधानसभा चुनाव से ठीक पहले वह भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में शामिल हो गए थे। उन्होंने बिधाननगर सीट से भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़ा, लेकिन तृणमूल कांग्रेस के सुजीत बोस से हार गए। दिलचस्प बात यह है कि सुजीत बोस भी इस समय नगरपालिका भर्ती घोटाले के सिलसिले में ईडी की न्यायिक हिरासत में हैं।

2021 चुनाव के बाद जब तृणमूल कांग्रेस सत्ता में लौटी, तो दत्ता ने भाजपा छोड़कर वापस सत्तारूढ़ पार्टी का दामन थाम लिया था। हाल ही में हुए चुनावों में उन्होंने बारासात से चुनाव लड़ा था, जहां उन्हें एक बार फिर हार का सामना करना पड़ा।

इनपुट: IANS

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News4Social पश्चिम बंगाल डेस्क

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