शनिवार, 19 सितम्बर 2026 · नई दिल्ली
अपराध

तिरुपति देवस्थानम को मिलावटी घी सप्लाई करने का मामला: ED ने मुख्य आरोपी को गिरफ़्तार किया

विश्व प्रसिद्ध तिरुमाला तिरुपति देवस्थानम (TTD) को मिलावटी घी की आपूर्ति से जुड़े एक बड़े मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने एक प्रमुख आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, धन…

तिरुपति देवस्थानम को मिलावटी घी सप्लाई करने का मामला: ED ने मुख्य आरोपी को गिरफ़्तार किया
(फोटो: IANS)

विश्व प्रसिद्ध तिरुमाला तिरुपति देवस्थानम (TTD) को मिलावटी घी की आपूर्ति से जुड़े एक बड़े मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने एक प्रमुख आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA) के तहत सुकृति फूड्स प्राइवेट लिमिटेड के प्रमोटर कैलाश चंद मंगला को हिरासत में लिया गया। यह कार्रवाई करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी और भक्तों की आस्था से जुड़े इस संवेदनशील मामले में एक अहम कदम है।

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ईडी के हैदराबाद क्षेत्रीय कार्यालय ने गुरुवार को कैलाश चंद मंगला को गिरफ्तार किया और शुक्रवार को विशाखापत्तनम की विशेष पीएमएलए अदालत में पेश किया, जहाँ से उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। यह पूरी जांच तिरुपति पूर्व पुलिस स्टेशन में दर्ज एक एफआईआर के आधार पर शुरू हुई थी, जिसमें आपराधिक साजिश, धोखाधड़ी, जालसाजी और भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाए गए थे।

क्या है पूरा मामला?

आरोप है कि TTD को जो घी 'एगमार्क स्पेशल ग्रेड गाय का घी' बताकर सप्लाई किया गया, वह असल में नकली और मिलावटी था। ईडी की जांच में सामने आया कि इसे बनाने के लिए परिष्कृत ताड़ के तेल, पामोलिन और ताड़ के बीज के तेल का इस्तेमाल किया गया था। इसके अलावा, इसमें एमजी-90, मोनोग्लिसराइड्स, मायवेसेट सॉफ्ट 400 और एसिटिक एसिड एस्टर जैसे कई रसायन भी मिलाए गए थे।

जांच के मुताबिक, 2019 से 2024 के दौरान TTD को लगभग 230 करोड़ रुपये के घी की आपूर्ति धोखाधड़ी से की गई। इसमें से करीब 96 करोड़ रुपये का मिलावटी घी अकेले कैलाश चंद मंगला की फैक्टरी में तैयार किया गया था।

आरोपी की भूमिका

प्रवर्तन निदेशालय ने अपनी विज्ञप्ति में बताया कि कैलाश चंद मंगला इस मामले के सह-साजिशकर्ताओं में से एक था। उस पर मिलावट के लिए कच्चा माल खरीदने और अपनी फैक्टरी में नकली घी बनाने में मदद करने का आरोप है। एजेंसी के अनुसार, उसने इस मिलावटी घी की आपूर्ति को श्री वैष्णवी डेयरी स्पेशलिटीज प्राइवेट लिमिटेड, मालगंगा मिल्क एंड एग्रो प्रोडक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड और ए.आर. डेयरी फूड्स प्राइवेट लिमिटेड जैसी कई फर्जी कंपनियों के जरिए अंजाम दिया।

जांच में यह भी खुलासा हुआ कि मंगला ने घी और ताड़ के तेल की खरीद-बिक्री के झूठे रिकॉर्ड भी तैयार किए, ताकि मिलावट के असली खेल को छिपाया जा सके और यह दिखाया जा सके कि वह असली गाय के घी का उत्पादन और आपूर्ति कर रहा है।

इनपुट: IANS

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News4Social क्राइम डेस्क

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