PACL धोखाधड़ी मामला: ED ने 42 करोड़ रुपये से अधिक के शेयर जब्त किए
प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने एक बड़ी वित्तीय धोखाधड़ी की जांच के सिलसिले में ₹42.13 करोड़ के शेयर अस्थायी रूप से जब्त कर लिए हैं। समाचार एजेंसी IANS के मुताबिक, यह कार्रवाई PACL लिमिटेड से जुड़े मनी…
प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने एक बड़ी वित्तीय धोखाधड़ी की जांच के सिलसिले में ₹42.13 करोड़ के शेयर अस्थायी रूप से जब्त कर लिए हैं। समाचार एजेंसी IANS के मुताबिक, यह कार्रवाई PACL लिमिटेड से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में की गई है, जिसमें निवेशकों से कथित तौर पर हजारों करोड़ रुपये की ठगी की गई थी।
एजेंसी ने धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA), 2002 के प्रावधानों के तहत यह कदम उठाया। जब्त किए गए शेयर इंडस्ट्रियल इन्वेस्टमेंट ट्रस्ट लिमिटेड (IITL) के हैं, जो एनएन फाइनेंशियल सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड के पास थे। इन 29.46 लाख इक्विटी शेयरों का मौजूदा बाजार मूल्य ₹42.13 करोड़ आंका गया है।
क्या है पूरा मामला?
यह जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) द्वारा दर्ज एक FIR पर आधारित है। CBI ने अपनी चार्जशीट में 33 आरोपियों का नाम लिया है, जिन पर एक अवैध सामूहिक निवेश योजना चलाने का आरोप है। आरोपपत्र के अनुसार, PACL और उससे जुड़ी कंपनियों ने कृषि भूमि की बिक्री और विकास के नाम पर देशभर के लाखों निवेशकों को निशाना बनाया।
आरोप है कि निवेशकों को झूठे वादे कर ₹48,000 करोड़ से अधिक की रकम जुटाई गई। निवेशकों से फर्जी दस्तावेजों पर हस्ताक्षर करवाए गए, लेकिन ज्यादातर मामलों में उन्हें वादा की गई जमीन कभी नहीं मिली। इस तरह निवेशकों की लगभग ₹48,000 करोड़ की रकम का भुगतान नहीं किया गया।
ED की जांच और कुर्की
ED ने इस मामले में 2016 में जांच शुरू की थी और 2018 में पहली अभियोजन शिकायत दर्ज की। इसके बाद 2022, 2025 और 2026 में छह पूरक अभियोजन शिकायतें भी दायर की गईं। जांच में पाया गया कि IITL के शेयर खरीदने के लिए जो पैसा इस्तेमाल हुआ, वह असल में PACL के निवेशकों से जुटाया गया था और अपराध की आय का हिस्सा था।
इस ताजा कुर्की को मिलाकर ED अब तक इस मामले में देश और विदेश में स्थित करीब ₹29,667.76 करोड़ की चल और अचल संपत्तियां कुर्क कर चुका है।
इनपुट: IANS



