RBI गवर्नर ने बताया: मजबूत घरेलू खपत और निवेश के दम पर बढ़ रही है भारतीय अर्थव्यवस्था
वैश्विक स्तर पर आर्थिक अनिश्चितता के माहौल के बीच भी भारतीय अर्थव्यवस्था तेजी से आगे बढ़ रही है। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के गवर्नर संजय मल्होत्रा के मुताबिक, इसका मुख्य कारण देश में निजी खपत और…
वैश्विक स्तर पर आर्थिक अनिश्चितता के माहौल के बीच भी भारतीय अर्थव्यवस्था तेजी से आगे बढ़ रही है। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के गवर्नर संजय मल्होत्रा के मुताबिक, इसका मुख्य कारण देश में निजी खपत और निवेश का मजबूत होना है। बुधवार को मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) के फैसलों की घोषणा करते हुए उन्होंने अर्थव्यवस्था की इस रफ्तार के पीछे के कई अहम कारकों पर प्रकाश डाला।
समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के अनुसार, गवर्नर ने बताया कि पूंजीगत निवेश, निर्माण क्षेत्र की गतिविधियां और बैंकों द्वारा दिए जा रहे कर्ज (बैंक क्रेडिट) जैसे संकेतक साफ इशारा कर रहे हैं कि देश में निवेश का माहौल सकारात्मक बना हुआ है। इन सभी वजहों से भारतीय अर्थव्यवस्था को एक ठोस आधार मिल रहा है।
मांग और निर्यात का हाल
मल्होत्रा ने कहा कि अर्थव्यवस्था के लिए सिर्फ घरेलू मोर्चे पर ही नहीं, बल्कि बाहरी मोर्चे पर भी अच्छी खबरें हैं। उन्होंने बताया कि बाहरी मांग भी बनी हुई है, जिसका प्रमाण सर्विस एक्सपोर्ट (सेवा निर्यात) में हुई शानदार बढ़ोतरी और वस्तु निर्यात (मर्चेंडाइज एक्सपोर्ट) में आया सुधार है। हालांकि, उन्होंने यह भी चेताया कि भविष्य में वैश्विक आर्थिक उतार-चढ़ाव का असर देश की आर्थिक गतिविधियों पर पड़ सकता है।
शहरी और ग्रामीण मांग पर बात करते हुए उन्होंने कहा, "ऊर्जा की कीमतें और आपूर्ति श्रृंखला पर दबाव अभी भी अधिक और अनिश्चित बने हुए हैं।" उन्होंने यह भी बताया कि अल-नीनो के प्रभाव और दक्षिण-पश्चिम मानसून की कमी से कृषि क्षेत्र और ग्रामीण मांग के लिए कुछ जोखिम पैदा हो गए हैं। इसके बावजूद, सर्विस सेक्टर की लगातार तेजी, जीएसटी सुधारों के सकारात्मक असर और रोजगार की स्थिर स्थिति से शहरी मांग को लगातार समर्थन मिलने की उम्मीद है।
भविष्य की संभावनाएं और चुनौतियां
भविष्य की संभावनाओं पर आरबीआई गवर्नर ने भरोसा जताया। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा इंफ्रास्ट्रक्चर पर लगातार जोर, उत्पादन क्षमता का भरपूर इस्तेमाल और कर्ज का अच्छा प्रवाह निवेश की गति को बनाए रखेगा। साथ ही, हाल में हुए व्यापार समझौते और निर्यात में विविधीकरण की कोशिशों से वस्तुओं के निर्यात को भी बढ़ावा मिलेगा। गवर्नर मल्होत्रा ने बताया कि सरकारी पहलों, जैसे कि फसल विविधीकरण और जल संरक्षण, से मानसून की कमी के असर को कम करने में भी मदद मिलने की उम्मीद है।
कुल मिलाकर, मजबूत घरेलू मांग, मैन्युफैक्चरिंग और सर्विस सेक्टर में विस्तार तथा बेहतर निर्यात के दम पर भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्था के रूप में अपनी स्थिति को और मजबूत कर रहा है।
इनपुट: IANS



