भारतीय सेवा क्षेत्र में जुलाई में भी दिखी मजबूती, निर्यात और नौकरियों से मिला सहारा
भारत के सेवा क्षेत्र (Services Sector) ने जुलाई महीने में भी अपनी मजबूत वृद्धि जारी रखी है। हालाँकि, इस बढ़त की रफ़्तार थोड़ी धीमी रही। समाचार एजेंसी IANS के हवाले से जारी एचएसबीसी इंडिया सर्विसेज…
भारत के सेवा क्षेत्र (Services Sector) ने जुलाई महीने में भी अपनी मजबूत वृद्धि जारी रखी है। हालाँकि, इस बढ़त की रफ़्तार थोड़ी धीमी रही। समाचार एजेंसी IANS के हवाले से जारी एचएसबीसी इंडिया सर्विसेज पीएमआई (PMI) के आंकड़ों के मुताबिक, यह इंडेक्स जुलाई में 53.3 पर रहा, जो सेक्टर में विस्तार का स्पष्ट संकेत है।
किसी भी देश की आर्थिक सेहत मापने के लिए परचेजिंग मैनेजर्स इंडेक्स (PMI) एक अहम पैमाना होता है। जब यह आंकड़ा 50 से ऊपर होता है, तो इसका मतलब है कि उस सेक्टर में गतिविधियाँ बढ़ रही हैं। जुलाई में सेवा क्षेत्र की इस मजबूती के पीछे मुख्य रूप से निर्यात से मिलने वाले नए ऑर्डर और कंपनियों द्वारा की जा रही नई भर्तियाँ रहीं।
निर्यात और रोजगार की स्थिति
सर्वेक्षण में शामिल कंपनियों ने बताया कि उन्हें संयुक्त अरब अमीरात (UAE), ब्रिटेन (UK) और अमेरिका में मौजूद ग्राहकों से लगातार नए ऑर्डर मिल रहे हैं। ख़ास बात यह है कि विदेशी ऑर्डर मिलने की रफ़्तार, कुल नए बिज़नेस की तुलना में ज़्यादा तेज़ रही। वहीं, नौकरियों के मोर्चे पर भी अच्छी खबर है। जून में छह महीने के निचले स्तर पर रहने के बाद भर्तियों में सुधार देखा गया। सर्विस प्रोवाइडर्स ने अपनी टीमों का विस्तार करना जारी रखा, जिससे निजी क्षेत्र में कुल रोज़गार को बढ़ाने में मदद मिली।
मांग और लागत का गणित
हालांकि जुलाई में नए बिजनेस का प्रवाह तो बढ़ा, लेकिन इसकी वृद्धि की रफ़्तार फरवरी 2022 के बाद सबसे कमज़ोर रही। इसकी वजह बाज़ार में कमजोर मांग, कड़ी प्रतिस्पर्धा और ग्राहकों की तरफ से कम पूछताछ को बताया गया। इसी बीच, कंपनियों के लिए एक राहत की बात भी रही। ईंधन, श्रम, कच्चे माल और परिवहन पर खर्च बढ़ने के बावजूद, इनपुट लागत में महंगाई छह महीने के सबसे निचले स्तर पर आ गई। इस राहत के चलते कंपनियों ने अप्रैल के बाद सबसे तेज़ी से अपनी बिक्री की कीमतें बढ़ाईं, जिससे उनके मुनाफ़े (मार्जिन) को सहारा मिला।
विशेषज्ञ की राय
एचएसबीसी की मुख्य भारतीय अर्थशास्त्री, प्रांजुल भंडारी ने इन आंकड़ों पर कहा, "जुलाई में भारत के सर्विस सेक्टर में बढ़ोतरी जारी रही, हालांकि इसकी रफ्तार थोड़ी धीमी थी। कई महीनों के शानदार प्रदर्शन के बाद घरेलू और एक्सपोर्ट मार्केट, दोनों में नए बिजनेस की ग्रोथ में थोड़ी कमी आई। भर्तियों में हल्की रिकवरी दिखी, जबकि इनपुट लागत कम होने और कंपनियों द्वारा अपनी बिक्री कीमत बढ़ाने से प्रॉफिट मार्जिन में सुधार हुआ।"
इसके अतिरिक्त, मैन्युफैक्चरिंग और सर्विस, दोनों क्षेत्रों की गतिविधियों को एक साथ दर्शाने वाला एचएसबीसी इंडिया कंपोजिट पीएमआई आउटपुट इंडेक्स जुलाई में 54.3 रहा, जो निजी क्षेत्र में निरंतर बढ़ोतरी को दिखाता है।
इनपुट: IANS



