रविवार, 6 सितम्बर 2026 · नई दिल्ली
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पीएम मोदी का विपक्ष पर तंज: 'दिमागी नक्सल' वाली गोली दी तो सब बाहर आ गए

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विपक्ष पर तीखा हमला करते हुए 2014 से पहले और बाद के भारत में एक तुलनात्मक तस्वीर पेश की है। दिल्ली के श्रीराम कॉलेज ऑफ कॉमर्स (SRCC) के शताब्दी समारोह में छात्रों को…

पीएम मोदी का विपक्ष पर तंज: 'दिमागी नक्सल' वाली गोली दी तो सब बाहर आ गए
(फोटो: IANS)

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विपक्ष पर तीखा हमला करते हुए 2014 से पहले और बाद के भारत में एक तुलनात्मक तस्वीर पेश की है। दिल्ली के श्रीराम कॉलेज ऑफ कॉमर्स (SRCC) के शताब्दी समारोह में छात्रों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि देश आज 2013 की तुलना में आर्थिक और सामाजिक रूप से कहीं ज़्यादा सुरक्षित है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, पीएम मोदी ने अपने आलोचकों के लिए 'नाराज फूफा' और 'दिमागी नक्सल' जैसे शब्दों का इस्तेमाल किया।

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पीएम मोदी ने अपने पिछले स्वतंत्रता दिवस के भाषण का जिक्र करते हुए कहा कि उन्होंने 'दिमागी नक्सल' शब्द का इस्तेमाल कर आलोचकों को 'होम्योपैथिक गोलियां' दी थीं। उन्होंने कहा, "होम्योपैथिक इलाज में थोड़ी देर के लिए बीमारी बढ़ती ही है। जैसे ही मैंने यह गोली दी, सारे दिमागी नक्सल बाहर निकलने लगे। लेकिन जनता उनका असली रंग देख रही है।"

'नाराज फूफा' वाली मानसिकता पर निशाना

प्रधानमंत्री ने देश में दो तरह के लोगों का जिक्र किया। एक वो जो समाज की शक्ति को राष्ट्र की शक्ति में बदलते हैं, और दूसरे वो जो हर मुद्दे पर 'नाराज फूफा' बन जाते हैं। उन्होंने कहा कि इन लोगों का एक ही संवाद होता है, 'इसकी क्या जरूरत है?' पीएम ने उदाहरण देते हुए कहा, "जब हम दुनिया की सबसे बड़ी मूर्ति बना रहे थे, तो उन्होंने कहा, इसकी क्या जरूरत है? बुलेट ट्रेन, यूपीआई, चिप, नई संसद को लेकर भी उन्होंने यही कहा।"

उन्होंने आगे कहा कि जब सेना के वीरों के लिए स्मारक बनाया गया, तब भी यही सवाल उठाया गया, लेकिन भारत ने ऐसे लोगों को मुंहतोड़ जवाब दिया।

2014 से पहले और बाद का भारत

अपने संबोधन में पीएम मोदी ने छात्रों से 2014 से पहले के संकटों को याद करने को कहा। उन्होंने 2013 की केदारनाथ आपदा, 2008 के बैंकिंग संकट और 2008 के मुंबई आतंकी हमले का उल्लेख करते हुए तत्कालीन सरकार पर निष्क्रियता का आरोप लगाया। इसकी तुलना में उन्होंने कहा कि उनकी सरकार ने भी पिछले छह वर्षों में कोविड, रूस-यूक्रेन युद्ध और ईरान संघर्ष जैसे बड़े संकटों का सामना किया है।

उन्होंने कहा, "लोगों ने सोचा था कि वे मोदी को कुचल देंगे। लेकिन मेरे देश के लोगों में इतनी ताकत है कि भारत का बुरा चाहने वालों की इच्छाएं दब रही हैं।"

युवाओं से भविष्य की उम्मीदें

प्रधानमंत्री ने युवा पीढ़ी में अपना विश्वास जताते हुए कहा कि 140 करोड़ भारतीय मिलकर 'विकसित भारत' को संभव बनाएंगे। उन्होंने कहा कि भविष्य में भारत अनुसंधान और नवाचार का केंद्र बनेगा, भारत का अपना अंतरिक्ष स्टेशन होगा और भारत ओलंपिक की मेजबानी भी करेगा।

उन्होंने छात्रों को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि 2013 से पहले छात्र स्टार्टअप, यूनिकॉर्न या अंतरिक्ष उद्यम के बारे में सोच भी नहीं सकते थे, लेकिन आज का युवा ऐसे सपने देख रहा है और उन्हें पूरा कर रहा है। उन्होंने युवाओं से वैश्विक भारतीय कंपनियां बनाने का संकल्प लेने का आग्रह किया।

इनपुट: IANS

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News4Social राजनीति डेस्क

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