असम: डिब्रूगढ़ और बराक घाटी को मिलेगी हाईकोर्ट की बेंच, दशकों पुरानी मांग पूरी
असम में न्याय तक पहुँच को और आसान बनाने की दिशा में एक बड़ा फैसला लिया गया है। राज्य सरकार ने डिब्रूगढ़ और बराक घाटी में गुवाहाटी हाईकोर्ट की नई बेंच स्थापित करने की घोषणा की है। समाचार एजेंसी IANS के
असम में न्याय तक पहुँच को और आसान बनाने की दिशा में एक बड़ा फैसला लिया गया है। राज्य सरकार ने डिब्रूगढ़ और बराक घाटी में गुवाहाटी हाईकोर्ट की नई बेंच स्थापित करने की घोषणा की है। समाचार एजेंसी IANS के मुताबिक, असम के कानून मंत्री सुशांत बोरगोहेन ने सोमवार को विधानसभा में यह जानकारी दी।
इस कदम से राज्य के ऊपरी असम और दक्षिणी हिस्से के निवासियों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है, जिन्हें अब तक सुनवाई के लिए लंबी दूरी तय कर गुवाहाटी जाना पड़ता था। खासकर बराक घाटी के लोग दशकों से एक स्थायी बेंच की मांग कर रहे थे।
लंबी दूरी और खर्च से मिलेगी राहत
गुवाहाटी से लगभग 300 किलोमीटर दूर स्थित बराक घाटी में कछार, करीमगंज और हैलाकांडी जिले आते हैं। यहाँ के वकीलों, राजनीतिक दलों और नागरिक समाज संगठनों ने इस मांग को लेकर कई बार अभियान चलाए थे। बेंच न होने के कारण मुकदमों से जुड़े लोगों और वकीलों को काफी खर्च और समय की बर्बादी का सामना करना पड़ता था। इसी तरह, डिब्रूगढ़ में बेंच स्थापित होने से ऊपरी असम के जिलों को लाभ होगा।
न्यायिक प्रणाली पर क्या होगा असर?
कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि इस विकेंद्रीकरण से गुवाहाटी स्थित हाईकोर्ट की मुख्य पीठ पर मुकदमों का बोझ कम होगा। उम्मीद है कि नई बेंचों की स्थापना से मामलों का निपटारा तेजी से होगा, न्यायिक बुनियादी ढांचा मजबूत होगा और दूर-दराज के क्षेत्रों में कानूनी व्यवस्था का समग्र विकास होगा। हालांकि, कानून मंत्री ने इन बेंचों की स्थापना के लिए कोई समय-सीमा या उनके अधिकार क्षेत्र से जुड़ा कोई विवरण नहीं दिया है।
उल्लेखनीय है कि गुवाहाटी हाईकोर्ट असम, नागालैंड, मिजोरम और अरुणाचल प्रदेश के लिए साझा उच्च न्यायालय है। इसकी मुख्य पीठ गुवाहाटी में है, जबकि कुछ अन्य पूर्वोत्तर राज्यों में पहले से ही इसकी स्थायी बेंच काम कर रही हैं।
इनपुट: IANS



