शनिवार, 5 सितम्बर 2026 · नई दिल्ली
स्वास्थ्य

तमिलनाडु में डेंगू और स्वाइन फ्लू का बढ़ा खतरा, आठ महीनों में 13,500 से ज़्यादा मामले

तमिलनाडु इस साल डेंगू और स्वाइन फ्लू के बढ़ते मामलों से जूझ रहा है। राज्य के जन स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार, इस साल 1 जनवरी से 30 अगस्त 2026 के बीच अकेले डेंगू के 13,573 मामले दर्ज किए गए…

तमिलनाडु में डेंगू और स्वाइन फ्लू का बढ़ा खतरा, आठ महीनों में 13,500 से ज़्यादा मामले
(फोटो: IANS)

तमिलनाडु इस साल डेंगू और स्वाइन फ्लू के बढ़ते मामलों से जूझ रहा है। राज्य के जन स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार, इस साल 1 जनवरी से 30 अगस्त 2026 के बीच अकेले डेंगू के 13,573 मामले दर्ज किए गए, जिनमें नौ लोगों की जान चली गई। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, यह स्थिति पिछले साल की तुलना में कहीं ज़्यादा गंभीर है, जिससे स्वास्थ्य विशेषज्ञों की चिंता बढ़ गई है।

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विशेषज्ञों का कहना है कि जुलाई और अगस्त के महीनों में संक्रमण के मामलों में हुई तेज़ बढ़ोतरी चिंता का विषय है, खासकर तब जब राज्य में मानसून अभी आना बाकी है। आंकड़ों पर नज़र डालें तो अगस्त 2026 में डेंगू के 3,315 मामले सामने आए, जबकि पिछले साल इसी महीने यह संख्या 1,832 थी। इसी तरह, इस साल जुलाई में 2,339 मामले दर्ज हुए, जो पिछले साल के 1,880 मामलों से काफी ज़्यादा हैं।

चेन्नई और कोयंबटूर सबसे ज़्यादा प्रभावित

राज्य में डेंगू के कुल मामलों में से सबसे ज़्यादा 2,584 केस चेन्नई में दर्ज किए गए। इसके बाद कोयंबटूर 1,999 मामलों के साथ दूसरे स्थान पर है। सरकारी डॉक्टरों का मानना है कि चेन्नई में आबादी का ज़्यादा घनत्व और सार्वजनिक स्वास्थ्य से जुड़ी सावधानियों के पालन में कमी संक्रमण फैलने के मुख्य कारण हो सकते हैं। पिछले पूरे साल (2025) में तमिलनाडु में डेंगू के 25,533 मामले सामने आए थे।

स्वाइन फ्लू के मामलों में भी भारी उछाल

डेंगू के साथ-साथ स्वाइन फ्लू का संक्रमण भी तेज़ी से बढ़ा है। इस साल राज्य में 1,500 से ज़्यादा मामले दर्ज किए गए हैं, जिससे तमिलनाडु देश में दूसरे स्थान पर आ गया है। स्वास्थ्य आंकड़ों से पता चलता है कि पिछले साल अगस्त में स्वाइन फ्लू के सिर्फ 46 मामले थे, जो इस साल इसी महीने में बढ़कर 645 हो गए हैं, जो एक असाधारण बढ़ोतरी है।

विशेषज्ञों ने दी बचाव की सलाह

बढ़ते संक्रमण को देखते हुए स्वास्थ्य अधिकारियों और डॉक्टरों ने बचाव के लिए कड़े उपाय करने की सलाह दी है।

डेंगू से बचाव के लिए: घरों और दफ्तरों के आसपास पानी जमा न होने दें और मच्छरों के पनपने की जगहों को नष्ट करने पर ज़ोर दिया गया है।

स्वाइन फ्लू से बचाव के लिए: संक्रमित लोगों को कम से कम पांच दिनों तक खुद को आइसोलेट करने की सलाह दी गई है। इसके अलावा, बुखार या सांस लेने में तकलीफ होने पर भीड़-भाड़ वाली जगहों पर जाने से बचें, मास्क पहनें और समय पर डॉक्टरी सलाह लें। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले बारिश के महीनों में संक्रमण को रोकने के लिए साफ-सफाई, मच्छरों पर नियंत्रण और जन-जागरूकता बेहद ज़रूरी होगी।

इनपुट: IANS

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