दिल्ली: जामा मस्जिद के कबूतर मार्केट में बड़ी कार्रवाई, 850 से ज़्यादा जानवर और पक्षी छुड़ाए गए
दिल्ली के ऐतिहासिक जामा मस्जिद इलाके के मशहूर कबूतर मार्केट में अवैध वन्यजीव व्यापार के खिलाफ एक बड़ी संयुक्त कार्रवाई की गई है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के अनुसार, इस अभियान में 863 जानवरों और…
दिल्ली के ऐतिहासिक जामा मस्जिद इलाके के मशहूर कबूतर मार्केट में अवैध वन्यजीव व्यापार के खिलाफ एक बड़ी संयुक्त कार्रवाई की गई है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के अनुसार, इस अभियान में 863 जानवरों और पक्षियों को बचाया गया, जिन्हें बेहद खराब हालत में रखा गया था। यह कार्रवाई दिल्ली पुलिस, वन विभाग और पशु कल्याण संगठनों ने मिलकर की।
यह पूरा मामला 9 अगस्त को सामने आया, जब ‘पीपल फॉर एनिमल्स’ (PFA) नाम की संस्था को कबूतर मार्केट की कुछ पालतू जानवरों की दुकानों में संरक्षित प्रजातियों की गैर-कानूनी बिक्री की पुख्ता जानकारी मिली। सूचना मिलने पर दिल्ली पुलिस ने ‘वर्ल्ड वाइड एनिमल’ और दिल्ली के वन एवं वन्यजीव विभाग के अधिकारियों के साथ मिलकर एक संयुक्त टीम बनाई।
छापेमारी और बचाव अभियान
इस संयुक्त टीम ने जामा मस्जिद थाने के कर्मचारियों के साथ मिलकर बाजार की पांच पालतू जानवरों की दुकानों पर एक साथ छापा मारा। अधिकारियों ने पाया कि जानवरों और पक्षियों को छोटे-छोटे पिंजरों में ठूंसकर रखा गया था और वहां बहुत गंदगी थी। जानवरों के साथ हो रही इस क्रूरता को देखते हुए बचाव अभियान चलाया गया।
बचाए गए कुल 863 जानवरों में 431 संरक्षित पक्षी, 18 गिनी पिग, 11 खरगोश, 9 ग्रे गिलहरी और 41 सफेद चूहे शामिल हैं। सभी बचाए गए जीवों की जांच की गई और उन्हें पशु कल्याण संगठनों की देखरेख में रखा गया है। संरक्षित पक्षियों को वन विभाग के अधिकारियों ने अपनी सुपुर्दगी में ले लिया है।
कानूनी कार्रवाई और आरोपी
इस मामले में ‘पीपल फॉर एनिमल्स’ (PFA) के एक कार्यकर्ता की शिकायत पर जामा मस्जिद पुलिस स्टेशन में FIR दर्ज की गई है। अधिकारियों ने पांच दुकानदारों की पहचान की है, जिनसे कानून के तहत मुचलका भरवाया गया है। इनकी पहचान इकबाल खान, आकाश, कानी राम, मो. आदिल खान और राशिद खान के रूप में हुई है, जो सभी कबूतर मार्केट के ही रहने वाले हैं। फिलहाल, इनके किसी पुराने आपराधिक रिकॉर्ड की पुष्टि नहीं हुई है।
इनपुट: IANS



