दिल्ली: 'टाटा मोटर्स' में नौकरी का झांसा देकर ठगी, फर्जी कॉल सेंटर चलाने वाले 5 गिरफ्तार
दिल्ली में बेरोजगार युवाओं को नामी कंपनियों में नौकरी दिलाने के बहाने ठगने वाले एक गिरोह का पर्दाफाश हुआ है। दिल्ली पुलिस ने संगम विहार इलाके में चल रहे एक फर्जी कॉल सेंटर पर छापा मारकर पांच आरोपियों…
दिल्ली में बेरोजगार युवाओं को नामी कंपनियों में नौकरी दिलाने के बहाने ठगने वाले एक गिरोह का पर्दाफाश हुआ है। दिल्ली पुलिस ने संगम विहार इलाके में चल रहे एक फर्जी कॉल सेंटर पर छापा मारकर पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, ये आरोपी एक मोबाइल ऐप से नौकरी खोजने वालों का डेटा चुराकर उन्हें अपना निशाना बनाते थे।
पुलिस के अनुसार, यह गिरोह खास तौर पर उन लोगों को निशाना बनाता था, जो 'टाटा मोटर्स' जैसी बड़ी कंपनी में नौकरी के लिए आवेदन करते थे। आरोपी खुद को कंपनी का प्रतिनिधि बताकर उम्मीदवारों से संपर्क करते और भर्ती प्रक्रिया के अलग-अलग चरणों के नाम पर उनसे पैसे ऐंठते थे।
ऐसे काम करता था ठगी का नेटवर्क
जांच में पता चला कि आरोपी 'जॉब है सपोर्ट' नाम के एक ऐप से नौकरी चाहने वालों की निजी जानकारी हासिल करते थे। इसके बाद वे डेटा एंट्री ऑपरेटर, वेब डिजाइनर और अकाउंटेंट जैसी नौकरियों का प्रस्ताव देते। शुरुआत में कूरियर चार्ज के नाम पर 499 रुपये लिए जाते थे। एक बार भुगतान होने के बाद, अलग-अलग झूठे बहानों से और पैसों की मांग की जाती थी। जब कोई पीड़ित और पैसे देने से मना कर देता, तो आरोपी उसका नंबर ब्लॉक कर देते थे।
पुलिस की कार्रवाई और बरामदगी
नॉर्थ डिस्ट्रिक्ट के एंटी-ऑटो थेफ्ट स्क्वाड (AATS) को 1 सितंबर को संगम विहार के झरोदा माजरा में इस फर्जी कॉल सेंटर के बारे में गुप्त सूचना मिली थी। रविवार को जानकारी की पुष्टि के बाद पुलिस टीम ने छापा मारा। मौके से सतीश चंद्र मौर्य समेत तीन लोगों को टेली-कॉलिंग और धोखाधड़ी करते हुए पकड़ा गया। उनकी निशानदेही पर दो और साथियों को गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तार किए गए सभी आरोपियों की उम्र 19 से 30 साल के बीच है।
पुलिस ने कॉल सेंटर से 9 मोबाइल फोन, एक टैबलेट, 7 डेबिट कार्ड, दो बैंक पासबुक और 6,730 रुपये नकद बरामद किए हैं। पुलिस अब इस नेटवर्क के अन्य सदस्यों और पैसों के लेन-देन की जांच कर रही है ताकि धोखाधड़ी के पूरे स्तर का पता लगाया जा सके।
इनपुट: IANS



