झारखंड: रामगढ़ की चुट्टूपालू घाटी में भीषण सड़क हादसा, DSP के रिश्तेदार समेत एक की मौत, पांच घायल
झारखंड के रामगढ़ जिले की चुट्टूपालू घाटी एक बार फिर एक भीषण सड़क हादसे का गवाह बनी, जिसमें एक महिला की जान चली गई और पांच अन्य लोग घायल हो गए। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, यह दर्दनाक घटना रविवार को…
झारखंड के रामगढ़ जिले की चुट्टूपालू घाटी एक बार फिर एक भीषण सड़क हादसे का गवाह बनी, जिसमें एक महिला की जान चली गई और पांच अन्य लोग घायल हो गए। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, यह दर्दनाक घटना रविवार को तब हुई जब ब्रेक फेल हो जाने के कारण एक बेकाबू कंटेनर ने एक कार को अपनी चपेट में ले लिया। पीड़ितों में रामगढ़ मुख्यालय के डीएसपी अकरम रजा के परिवार के सदस्य भी शामिल हैं।
हादसा रांची से रामगढ़ की ओर जा रहे कंटेनर (एनएल 01एबी 8418) के चुट्टूपालू घाटी में ब्रेक फेल होने से हुआ। अनियंत्रित कंटेनर ने अपने आगे चल रही होंडा कार को इतनी ज़ोर से टक्कर मारी कि कार उसके नीचे दबकर बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। कार में डीएसपी अकरम रजा के परिवार के छह सदस्य सवार थे, जो रांची से रामगढ़ आ रहे थे।
बचाव अभियान और हताहत
सूचना मिलते ही रामगढ़ थाना पुलिस मौके पर पहुंची और बचाव कार्य शुरू किया। पुलिस ने हाइड्रा और क्रेन की मदद से कंटेनर के नीचे फंसी कार को बाहर निकाला। इस हादसे में डीएसपी की 45 वर्षीय मौसी सारा तबस्सुम की मौके पर ही मौत हो गई।
घायलों में उनके मौसा फिरोज राही (48), बहन तरजा सलियां (23), सिफ्ता ताजमीन, अमीरा ताजमीन (10) और अनुजा तबस्सुम शामिल हैं। कार में फंसी एक बच्ची को करीब आधे घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद सुरक्षित निकालकर अस्पताल पहुंचाया गया। हादसे की खबर मिलते ही डीएसपी अकरम रजा भी घटनास्थल पर पहुंचे। बाद में, पुलिस अधीक्षक मुकेश कुमार लुणायत और एसडीपीओ आलोक रंजन समेत अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने सदर अस्पताल जाकर घायलों का हालचाल जाना।
'मौत की घाटी' में सुरक्षा पर सवाल
चुट्टूपालू घाटी में आए दिन होने वाले सड़क हादसों के कारण स्थानीय लोग इसे 'मौत की घाटी' भी कहते हैं। तेज रफ्तार और भारी वाहनों के अनियंत्रित होने से यहां अक्सर दुर्घटनाएं होती रहती हैं। इस ताजा घटना ने एक बार फिर राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) की सड़क सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
इनपुट: IANS



