दिल्ली: 'लक्ष्मी योजना' पोर्टल पर जबरदस्त रुझान, 4.87 लाख से ज्यादा महिलाओं ने कराया रजिस्ट्रेशन
दिल्ली सरकार की महत्वाकांक्षी 'लक्ष्मी योजना' को महिलाओं से उत्साहजनक प्रतिक्रिया मिल रही है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, शुक्रवार रात 8 बजे तक योजना के आधिकारिक पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन कराने वाली…
दिल्ली सरकार की महत्वाकांक्षी 'लक्ष्मी योजना' को महिलाओं से उत्साहजनक प्रतिक्रिया मिल रही है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, शुक्रवार रात 8 बजे तक योजना के आधिकारिक पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन कराने वाली महिलाओं का आंकड़ा 4.87 लाख को पार कर गया। इनमें से लगभग 2 लाख महिलाओं ने अपनी अंतिम आवेदन प्रक्रिया भी पूरी कर ली है।
शुक्रवार शाम तक के सटीक आंकड़ों पर नजर डालें तो पोर्टल पर कुल 4,87,181 महिलाओं ने पंजीकरण कराया था, जबकि 1,99,679 महिलाओं ने अपने आवेदन अंतिम रूप से जमा कर दिए थे। यह योजना महिलाओं के कल्याण और सशक्तीकरण के उद्देश्य से शुरू की गई है, जिसके तहत पात्र महिलाओं को वित्तीय सहायता दी जाएगी।
सरकार का वादा पूरा, महिलाओं में खुशी
इस योजना के लागू होने पर दिल्ली की महिलाओं ने विधानसभा में मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता का गर्मजोशी से स्वागत किया। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने कहा, "आज मैं दिल्ली की महिलाओं के लिए खुश हूं, जिनकी खुशी का कोई ठिकाना नहीं है। मुझे खुशी है कि हम महिलाओं से किए गए वादे को पूरा कर पाए।" उन्होंने हर महिला को भरोसा दिलाया कि सरकार उनके सशक्तीकरण और सुरक्षा के लिए हमेशा उनके साथ खड़ी रहेगी।
राजनीतिक दलों के शासन मॉडल पर भी चर्चा
इस बीच, दिल्ली के मंत्री आशीष सूद ने इस योजना को लागू करने को लेकर विभिन्न शासन मॉडलों की तुलना की। उन्होंने एक लोकप्रिय वेब सीरीज के संवाद का जिक्र करते हुए कहा, "देख रहे हो बिनोद? एक साल के भीतर, प्रधानमंत्री मोदी के मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व में, दिल्ली की बहनों के लिए 2,500 रुपए पाने का रास्ता खुल गया है।" उन्होंने विपक्षी दलों पर निशाना साधते हुए कहा कि वे केवल वोट-बैंक की राजनीति के लिए चुनाव से कुछ महीने पहले महिला सशक्तीकरण की बात करते हैं।
मुख्यमंत्री ने कैंप का दौरा कर लिया फीडबैक
इससे एक दिन पहले, गुरुवार को मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने शालीमार बाग में आयोजित 'दिल्ली लक्ष्मी योजना' कैंप का दौरा किया था। वहां उन्होंने महिला लाभार्थियों से सीधे बातचीत कर योजना के बारे में उनकी राय जानी। उन्होंने रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया में महिलाओं की सहायता भी की और कई आवेदन फॉर्म पर हस्ताक्षर किए। कैंप में मौजूद महिलाओं ने इस पहल पर भरोसा जताते हुए कहा कि चुनाव के दौरान किए गए वादे अब जमीन पर लागू हो रहे हैं।
इनपुट: IANS



