अहमदाबाद फायर NOC रिश्वतकांड: बिचौलिए के साथ मुख्य अग्निशमन अधिकारी पर भी ACB का शिकंजा
गुजरात के अहमदाबाद में इमारतों को फायर एनओसी (अनापत्ति प्रमाण पत्र) जारी करने के बदले रिश्वतखोरी का एक बड़ा मामला सामने आया है। राज्य के भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने एक बिचौलिए को 36,000 रुपए की…
गुजरात के अहमदाबाद में इमारतों को फायर एनओसी (अनापत्ति प्रमाण पत्र) जारी करने के बदले रिश्वतखोरी का एक बड़ा मामला सामने आया है। राज्य के भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने एक बिचौलिए को 36,000 रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ा है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के अनुसार, इस मामले के तार अहमदाबाद के मुख्य अग्निशमन अधिकारी से भी जुड़ रहे हैं, जिसके बाद उनके खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
यह मामला तब खुला जब एक फायर सेफ्टी ऑफिसर (FSO) ने ACB से संपर्क किया। उन्होंने छह अलग-अलग इमारतों के लिए सरकारी ऑनलाइन पोर्टल के जरिए फायर एनओसी के आवेदन दिए थे। आरोप है कि इन आवेदनों को मंजूरी दिलाने के एवज में भावसिंह झाला नामक एक निजी बिचौलिए ने प्रत्येक एनओसी के लिए 6,000 रुपए, यानी कुल 36,000 रुपए की मांग की।
ACB ने जाल बिछाकर पकड़ा
रिश्वत देने के बजाय शिकायतकर्ता ने वडोदरा सिटी एसीबी पुलिस स्टेशन में इसकी शिकायत दर्ज करा दी। इसी शिकायत के आधार पर एसीबी ने शुक्रवार को दो स्वतंत्र सरकारी गवाहों की मौजूदगी में जाल बिछाया। अहमदाबाद के मेमनगर इलाके में विजय क्रॉस रोड स्थित यश एक्वा कॉम्प्लेक्स के पास जैसे ही भावसिंह झाला (31) ने शिकायतकर्ता से 36,000 रुपए लिए, एसीबी की टीम ने उसे मौके पर ही दबोच लिया।
मुख्य अग्निशमन अधिकारी की भूमिका
जांच के दौरान अहमदाबाद के मुख्य अग्निशमन अधिकारी अमित कुमार डोंगरे (47) का नाम भी सामने आया। ACB के मुताबिक, रिश्वत लेते पकड़े जाने के दौरान झाला ने डोंगरे से फोन पर बात की थी। इस बातचीत से कथित तौर पर यह संकेत मिला कि रिश्वत की रकम को लेकर अधिकारी की भी सहमति थी। ब्यूरो का कहना है कि शुरुआती सबूतों से पता चलता है कि झाला ने प्रथम श्रेणी के अधिकारी डोंगरे के कहने पर ही रिश्वत की मांग की और उसे स्वीकार किया। दोनों आरोपियों पर भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है।
इनपुट: IANS



