दिल्ली: नौकरी के नाम पर ठगी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश, मास्टरमाइंड समेत 7 लोग गिरफ्तार
दिल्ली पुलिस ने नौकरी की तलाश कर रहे युवाओं को निशाना बनाने वाले एक बड़े फर्जी प्लेसमेंट रैकेट का भंडाफोड़ किया है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट की साइबर पुलिस ने इस मामले में एक…
दिल्ली पुलिस ने नौकरी की तलाश कर रहे युवाओं को निशाना बनाने वाले एक बड़े फर्जी प्लेसमेंट रैकेट का भंडाफोड़ किया है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट की साइबर पुलिस ने इस मामले में एक कथित महिला मास्टरमाइंड समेत सात लोगों को गिरफ्तार किया है। यह गिरोह 'नेक्स्ट स्टेप एडवाइजर्स' नाम से एक दफ्तर चला रहा था और रजिस्ट्रेशन व प्रोसेसिंग फीस के नाम पर बेरोजगारों से पैसे ऐंठता था।
यह पूरा मामला तब सामने आया जब करोलबाग के एक निवासी ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। पीड़ित के मुताबिक, उन्हें 24 जुलाई को एक जॉब पोर्टल से एचआर प्रतिनिधि बनकर व्हाट्सएप पर संदेश मिला। अगले दिन, 25 जुलाई को, उन्हें इंटरव्यू के लिए उत्तम नगर के एक पते पर बुलाया गया। वहां उनसे रजिस्ट्रेशन और खाता खोलने के नाम पर 4,800 रुपये ले लिए गए और भरोसा दिलाया गया कि नौकरी लगने के बाद यह रकम लौटा दी जाएगी। लेकिन, उन्हें न तो नौकरी मिली और न ही पैसे वापस हुए। बाद में दिए गए मोबाइल नंबर भी बंद हो गए।
कैसे काम करता था यह रैकेट?
जांच में पता चला कि आरोपी ऑनलाइन जॉब पोर्टलों पर आकर्षक नौकरियों के विज्ञापन पोस्ट करते थे। फिर वे एचआर एग्जीक्यूटिव बनकर बेरोजगार युवाओं से संपर्क साधते और उन्हें उत्तम नगर स्थित अपने दफ्तर में इंटरव्यू के लिए बुलाते थे। पुलिस ने बताया कि यह गिरोह मुख्य रूप से उन युवाओं को निशाना बनाता था जो ऑनलाइन नौकरी खोज रहे थे। यह प्लेसमेंट एजेंसी किसी भी सरकारी प्राधिकरण के साथ पंजीकृत नहीं थी।
पुलिस की कार्रवाई और गिरफ्तारियां
शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने 1 अगस्त को एफआईआर दर्ज की और जांच शुरू कर दी। मोबाइल नंबरों, यूपीआई ट्रांजैक्शन और बैंक खातों के तकनीकी विश्लेषण के आधार पर पुलिस उत्तम नगर के जीवन पार्क स्थित दफ्तर तक पहुंची। छापेमारी के दौरान पुलिस ने सात लोगों को गिरफ्तार किया। पुलिस ने मौके से रजिस्ट्रेशन फॉर्म, कई मोबाइल फोन और पेमेंट रिकॉर्ड जैसे आपत्तिजनक सबूत भी जब्त किए हैं।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान गिरोह की कथित मास्टरमाइंड प्रीति मल्होत्रा (34) के रूप में हुई है। उनके अलावा, एचआर एग्जीक्यूटिव के तौर पर काम करने वाली दिव्या (33), ललिता उर्फ पिंकी (32), नैना (33) और प्रियंका (28) को भी पकड़ा गया है। फील्ड स्टाफ के रूप में काम करने वाले कपिल कुमार शर्मा (30) और ललित कुमार (28) भी गिरफ्तार हुए हैं। जांच में यह भी सामने आया है कि नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल पर दर्ज पांच अन्य शिकायतें भी इसी गिरोह से जुड़े मोबाइल नंबरों और बैंक खातों से संबंधित हैं।
इनपुट: IANS



