केरल: मुख्यमंत्री सतीशन का CPI(M) पर निशाना, बोले — अंदरूनी कलह से ध्यान भटकाने की कोशिश
केरल के मुख्यमंत्री वी.डी. सतीशन ने बुधवार को सत्ताधारी CPI(M) पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि पार्टी गंभीर आंतरिक कलह और मतभेदों से जूझ रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि पार्टी अपने सहयोगी संगठनों को…
केरल के मुख्यमंत्री वी.डी. सतीशन ने बुधवार को सत्ताधारी CPI(M) पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि पार्टी गंभीर आंतरिक कलह और मतभेदों से जूझ रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि पार्टी अपने सहयोगी संगठनों को सड़कों पर उतारकर इन अंदरूनी समस्याओं से जनता का ध्यान भटकाने का प्रयास कर रही है। समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के अनुसार, सतीशन ने यह भी कहा कि CPI(M) का अपने गठबंधन सहयोगी CPI के साथ भी मतभेद है।
कैबिनेट बैठक के बाद मीडिया से बातचीत में मुख्यमंत्री ने कहा कि CPI(M) का हालिया चुनावी विश्लेषण खुद विवाद का एक बड़ा कारण बन गया है, जिससे पार्टी के भीतर दरारें और गहरी हो गई हैं। उन्होंने कहा, "सब जानते हैं कि CPI(M) में उसके चुनाव विश्लेषण को लेकर पूरी तरह से अशांति है।" सतीशन ने कहा कि वे इस पूरे घटनाक्रम पर करीब से नजर बनाए हुए हैं।
नशा-विरोधी अभियान और अन्य घोषणाएं
राज्य सरकार के कार्यों पर बात करते हुए मुख्यमंत्री सतीशन ने बताया कि 'तूफान' नाम का नशा-विरोधी अभियान तेजी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने घोषणा की कि नशीले पदार्थों से जुड़े मामलों की सुनवाई में तेजी लाने के लिए तीन और विशेष NDPS अदालतें स्थापित की जाएंगी। इस दौरान उन्होंने पिछली विजयन सरकार पर ड्रग डीलरों को राजनीतिक संरक्षण देने का भी आरोप लगाया।
इसके अलावा, सतीशन ने घोषणा की कि स्कूल शिक्षकों से जुड़ी 18 PSC श्रेणियों की रैंक-लिस्ट, जो सितंबर-अक्टूबर 2026 में समाप्त होने वाली थीं, उन्हें छह महीने का विस्तार दिया जाएगा। बाढ़ राहत पर उन्होंने आश्वासन दिया कि वितरण प्रक्रिया की समीक्षा की जा रही है और सहायता जल्द ही जारी कर दी जाएगी।
विभिन्न विवादों पर सरकार का रुख
मुख्यमंत्री ने कई हालिया विवादों पर भी अपनी स्थिति स्पष्ट की। राज्यपाल द्वारा कुलपतियों की नियुक्ति के मामले पर उन्होंने पिनराई विजयन के मौजूदा रुख की आलोचना की। उन्होंने याद दिलाया कि जब विजयन मुख्यमंत्री थे, तब उनके और राज्यपाल के बीच एक समझ थी, और सवाल उठाया कि विजयन अब अलग रुख क्यों अपना रहे हैं।
ग्रैंड मुफ्ती शेख अबू बकर अहमद की महिलाओं की सार्वजनिक उपस्थिति पर टिप्पणी के जवाब में सतीशन ने कहा कि कांग्रेस महिलाओं को सार्वजनिक जीवन से दूर रखने के किसी भी प्रयास को स्वीकार नहीं करेगी। उन्होंने कहा कि महिलाओं को सभी गतिविधियों में सबसे आगे होना चाहिए। वहीं, वंदे मातरम गाने से जुड़े विवाद पर उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री या उपराष्ट्रपति की मौजूदगी वाले राजकीय समारोहों में प्रोटोकॉल का पालन किया जाएगा और निर्धारित दो छंद ही गाए जाएंगे।
इनपुट: IANS



