कर्नल सोफिया पर टिप्पणी: मंत्री विजय शाह को कैबिनेट से हटाने की मांग, कांग्रेस वेटरन्स विंग ने दी आंदोलन की चेतावनी
मध्य प्रदेश सरकार के मंत्री विजय शाह द्वारा भारतीय सेना की अधिकारी कर्नल सोफिया कुरैशी पर की गई एक विवादित टिप्पणी को लेकर बवाल फिर बढ़ गया है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के अनुसार, प्रदेश…
मध्य प्रदेश सरकार के मंत्री विजय शाह द्वारा भारतीय सेना की अधिकारी कर्नल सोफिया कुरैशी पर की गई एक विवादित टिप्पणी को लेकर बवाल फिर बढ़ गया है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के अनुसार, प्रदेश कांग्रेस के वयोवृद्ध प्रकोष्ठ (वेटरन्स विंग) ने शाह को तत्काल कैबिनेट से बर्खास्त करने और उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है। विंग ने चेतावनी दी है कि अगर समय पर कार्रवाई नहीं हुई तो वे लोकतांत्रिक तरीके से सड़क पर आंदोलन करेंगे।
यह पूरा मामला तब और गरमा गया जब हाल ही में मध्य प्रदेश कैबिनेट ने एक बैठक में कथित तौर पर मंत्री विजय शाह के खिलाफ अभियोजन की मंजूरी देने से इनकार कर दिया। वेटरन्स विंग ने सरकार के इस कदम पर गहरी नाराजगी जताते हुए इसे शाह को दिया गया 'राजनीतिक समर्थन' बताया है। विंग का कहना है कि यह फैसला सशस्त्र बलों से जुड़े एक संवेदनशील मुद्दे पर गलत संदेश देता है।
“सेना किसी दल की नहीं, देश की है”
एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में वेटरन्स विंग के अध्यक्ष मेजर जनरल (सेवानिवृत्त) श्याम श्रीवास्तव ने कहा कि मंत्री का बयान न केवल एक सेवारत सैन्य अधिकारी का, बल्कि पूरी भारतीय सेना और उसके जवानों का अपमान है। उन्होंने कहा, “भारतीय सेना किसी राजनीतिक दल की नहीं, बल्कि पूरे देश की है। किसी भी सेना अधिकारी या जवान के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी लाखों नागरिकों की भावनाओं और जवानों के बलिदान का अपमान है। सेना और उसके अधिकारियों का सम्मान राजनीति से ऊपर रहना चाहिए।”
श्रीवास्तव ने यह भी रेखांकित किया कि यह टिप्पणी उस समय की गई थी जब पूरा देश 'ऑपरेशन सिंदूर' के दौरान भारतीय सेना की वीरता की सराहना कर रहा था, जिससे यह और भी दुर्भाग्यपूर्ण हो जाता है। उन्होंने कहा कि इस बयान से देशभर में व्यापक आक्रोश फैला था।
अदालती आदेशों के बावजूद कार्रवाई नहीं
वेटरन्स विंग ने यह भी याद दिलाया कि इस मामले में मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने स्वतः संज्ञान लेते हुए विजय शाह के खिलाफ FIR दर्ज करने का आदेश दिया था। इसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने भी जांच और आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए थे। प्रकोष्ठ के मुताबिक, इन अदालती निर्देशों के बावजूद अब तक की गई कार्रवाई 'असंतोषजनक' रही है, जिससे जनता में निराशा है। विंग ने निष्पक्ष जांच और कानून के अनुसार उचित कार्रवाई की मांग दोहराई है।
इनपुट: IANS



