चुनाव आयोग विवाद: कांग्रेस की CWC बैठक में बनी रणनीति, CEC ज्ञानेश कुमार को हटाने की मांग तेज
चुनाव आयोग के कामकाज को लेकर छिड़े विवाद के बीच कांग्रेस पार्टी ने अपनी रणनीति बनानी शुरू कर दी है। मंगलवार को दिल्ली में हुई पार्टी की कार्यसमिति (CWC) की बैठक में इस मुद्दे पर गंभीर चर्चा हुई…
चुनाव आयोग के कामकाज को लेकर छिड़े विवाद के बीच कांग्रेस पार्टी ने अपनी रणनीति बनानी शुरू कर दी है। मंगलवार को दिल्ली में हुई पार्टी की कार्यसमिति (CWC) की बैठक में इस मुद्दे पर गंभीर चर्चा हुई। समाचार एजेंसी IANS से मिली जानकारी के अनुसार, बैठक से पहले पूर्व लोकसभा अध्यक्ष मीरा कुमार ने स्पष्ट किया कि मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार को पद से हटना होगा और इस संबंध में पार्टी की आगे की रणनीति CWC में तय की जाएगी।
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, सोनिया गांधी और राहुल गांधी समेत पार्टी के तमाम वरिष्ठ नेताओं और मुख्यमंत्रियों की मौजूदगी में यह बैठक हुई। कांग्रेस ने वोटर लिस्ट के 'विशेष गहन पुनरीक्षण' (SIR), नए मतदाताओं को जोड़ने वाले 'फॉर्म 6' में बदलाव और वोटर लिस्ट डेटाबेस के केंद्रीकृत नियंत्रण जैसे मुद्दों पर गहरी चिंता जताई है।
कांग्रेस और विपक्ष का कड़ा रुख
कांग्रेस नेताओं ने इस मामले में आक्रामक रुख अपनाया है। मीरा कुमार ने IANS से बातचीत में कहा, "CWC की बैठक में रणनीति बनाई जाएगी और बाकी चीजों पर 'इंडिया' ब्लॉक के सहयोगियों के साथ बैठकर चर्चा की जाएगी। सीईसी ज्ञानेश कुमार को जाना ही होगा, उन्हें हटाना बहुत जरूरी है।" इसी तरह, पश्चिम बंगाल के एआईसीसी प्रभारी प्रकाश जोशी ने CEC की आलोचना करते हुए कहा कि ज्ञानेश कुमार की हरकतें "देशद्रोह की श्रेणी में आती हैं" और उन पर मुकदमा चलाकर उन्हें जेल में होना चाहिए।
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने भी कहा है कि दो चुनाव आयुक्तों द्वारा उठाई गई आपत्तियों ने आयोग के कामकाज की पोल खोल दी है, और उन्होंने भी ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। इस बीच, बुधवार को विपक्षी INDIA ब्लॉक की बैठक होने की उम्मीद है, जिसमें इस मुद्दे पर एक संयुक्त रणनीति पर विचार किया जाएगा और CEC को हटाने के लिए संसद में एक और नोटिस दिया जा सकता है।
चुनाव आयोग की सफाई
विवाद पर अपनी प्रतिक्रिया में चुनाव आयोग ने आंतरिक निर्णय प्रक्रिया पर उठाई गई चिंताओं को खारिज कर दिया है। आयोग का कहना है कि किसी भी संस्था के भीतर चर्चा के दौरान अलग-अलग विचार और राय होना एक सामान्य प्रक्रिया है। आयोग ने यह भी स्पष्ट किया कि उसके सभी आदेशों को कानूनी मान्यता प्राप्त है और वे निर्धारित प्रक्रियाओं के अनुसार ही जारी किए जाते हैं। 26 सितंबर को आयोग ने एक बयान में कहा था कि देशव्यापी SIR का आदेश तीनों आयुक्तों — CEC ज्ञानेश कुमार और चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू व विवेक जोशी — की सर्वसम्मति से मंजूर हुआ था। आयोग ने यह भी बताया कि 'फॉर्म 6' से जुड़े बदलावों को सुप्रीम कोर्ट भी सही ठहरा चुका है।
इनपुट: IANS



