ब्रिटेन के एयरबेस पर साज़िश: अमेरिकी विदेश मंत्री ने 'विदेशी ताकत' पर जताया संदेह
ब्रिटेन के आरएएफ फेयरफोर्ड एयरबेस के पास एक संदिग्ध बम साज़िश के मामले ने तूल पकड़ लिया है, जिसमें अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने "स्पष्ट रूप से किसी विदेशी ताकत का हाथ" होने का दावा किया है…
ब्रिटेन के आरएएफ फेयरफोर्ड एयरबेस के पास एक संदिग्ध बम साज़िश के मामले ने तूल पकड़ लिया है, जिसमें अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने "स्पष्ट रूप से किसी विदेशी ताकत का हाथ" होने का दावा किया है। फॉक्स न्यूज के साथ एक बातचीत में उन्होंने इस घटना को बेहद गंभीर बताया, हालांकि उन्होंने यह स्पष्ट नहीं किया कि वह किस देश की ओर इशारा कर रहे हैं और न ही अपने दावे के समर्थन में कोई सबूत पेश किया।
समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के अनुसार, रूबियो ने कहा कि आने वाले दिनों में इस घटना से जुड़ी और जानकारी सामने आएगी। उन्होंने मामले में ब्रिटिश अधिकारियों द्वारा की गई कार्रवाई की सराहना भी की। यह मामला तब सामने आया जब ब्रिटेन की काउंटर टेररिज्म पुलिस ने रविवार तड़के आरएएफ फेयरफोर्ड के पास से पांच ब्रिटिश नागरिकों को गिरफ्तार किया।
गिरफ्तारी और जमानत का घटनाक्रम
पुलिस को सूचना मिली थी कि तीन संदिग्ध सफेद वैन एयरबेस की ओर बढ़ रही थीं, जिसके बाद यह कार्रवाई की गई। गिरफ्तार किए गए सभी पांचों आरोपी लंदन क्षेत्र के रहने वाले हैं और उनकी उम्र 23 से 25 वर्ष के बीच है। उन्हें एक्सप्लोसिव एक्ट और आतंकवादी गतिविधि की तैयारी के संदेह में हिरासत में लिया गया था। हालांकि, सोमवार को पांचों को कड़ी शर्तों के साथ पुलिस जमानत पर रिहा कर दिया गया।
जांच के विभिन्न पहलू
यूके काउंटर टेररिज्म पुलिस ने साफ किया है कि जमानत का मतलब जांच का खत्म होना नहीं है। जांचकर्ता कई पहलुओं पर विचार कर रहे हैं, जिसमें यह संभावना भी शामिल है कि आरोपी किसी विदेशी राज्य के लिए सीधे या अनजाने में काम कर रहे प्रॉक्सी हो सकते हैं। इस मामले में ईरान का नाम एक संभावित एंगल के तौर पर उभरा है, क्योंकि आरएएफ फेयरफोर्ड का इस्तेमाल अमेरिकी सैन्य अभियानों के लिए होता रहा है और ईरान पहले भी ऐसे ठिकानों को निशाना बनाने की धमकी दे चुका है। हालांकि, ब्रिटिश जांच एजेंसियों ने सार्वजनिक तौर पर ईरान को जिम्मेदार नहीं ठहराया है और ईरान ने भी इसमें अपनी किसी भी भूमिका से इनकार किया है।
इस बीच, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी मामले के ईरान से जुड़े होने की संभावना जताई, लेकिन इसकी पुष्टि नहीं की। उन्होंने संदिग्धों को जमानत पर छोड़े जाने पर हैरानी भी व्यक्त की।
इनपुट: IANS



