शनिवार, 31 अक्टूबर 2026 · नई दिल्ली
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केरल भर्ती घोटाला: PSC अध्यक्ष और सदस्यों को हटाने की मांग, क्राइम ब्रांच की जांच तेज़

केरल लोक सेवा आयोग (PSC) में कथित भर्ती घोटाले को लेकर राजनीतिक और कानूनी सरगर्मी बढ़ गई है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, क्राइम ब्रांच की जांच तेज़ होने के साथ ही कांग्रेस ने राज्य सरकार से PSC के…

केरल भर्ती घोटाला: PSC अध्यक्ष और सदस्यों को हटाने की मांग, क्राइम ब्रांच की जांच तेज़
(फोटो: IANS)

केरल लोक सेवा आयोग (PSC) में कथित भर्ती घोटाले को लेकर राजनीतिक और कानूनी सरगर्मी बढ़ गई है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, क्राइम ब्रांच की जांच तेज़ होने के साथ ही कांग्रेस ने राज्य सरकार से PSC के अध्यक्ष और सभी सदस्यों को पद से हटाने की सिफारिश राष्ट्रपति से करने की मांग की है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एमएम हसन ने शनिवार को कहा कि अध्यक्ष और सदस्यों का पद पर बने रहना अब न तो कानूनी रूप से और न ही नैतिक रूप से उचित है।

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यह मांग ऐसे समय में आई है जब जांच एजेंसी ने मामले में कई बड़ी कार्रवाइयां की हैं। क्राइम ब्रांच की विशेष जांच टीम (SIT) ने PSC अध्यक्ष एमआर बैजू और आयोग के तीन सदस्यों से पहले ही पूछताछ कर ली है। शनिवार को PSC सचिव साजू जॉर्ज भी पूछताछ के लिए SIT के सामने पेश हुए।

गिरफ्तारी और नए मामले

जांच के तहत, SIT ने शुक्रवार रात PSC परीक्षा विभाग के निलंबित अतिरिक्त सचिव आर. हरि को कोच्चि में एक रिश्तेदार के घर से गिरफ्तार किया। वह पिछले कुछ दिनों से फरार चल रहे थे। घोटाले के एक अन्य आरोपी, सेवानिवृत्त उप सचिव पी. सतीश को दो दिन पहले ही गिरफ्तार किया गया था और वह फिलहाल न्यायिक हिरासत में हैं।

एक अहम घटनाक्रम में, SIT ने मत्स्य पालन विस्तार अधिकारियों की भर्ती में कथित गड़बड़ियों के आरोप में अध्यक्ष बैजू, आयोग के सदस्यों और अन्य अधिकारियों के खिलाफ एक अलग मामला भी दर्ज किया है। जांचकर्ताओं का आरोप है कि रैंकिंग में हेरफेर करके अयोग्य उम्मीदवारों को फायदा पहुंचाया गया, जिससे संवैधानिक संस्था की साख को नुकसान पहुंचा और योग्य उम्मीदवार अपने अवसर से वंचित रह गए।

जांच का दायरा और उच्च न्यायालय की टिप्पणी

इस घोटाले की जांच में राज्य योजना बोर्ड में हुई भर्तियों में भी अनियमितताएं सामने आई हैं, जहां अधिकारियों पर मूल्यांकन प्रक्रिया में हेरफेर करने का आरोप है। हाल ही में, केरल उच्च न्यायालय ने जांच की धीमी गति पर नाराज़गी जताते हुए सवाल उठाया था कि मामले के मुख्य आरोपियों से पूछताछ या उनकी गिरफ्तारी क्यों नहीं की गई।

वरिष्ठ कांग्रेस नेता एमएम हसन ने कहा कि केरल के इतिहास में यह अभूतपूर्व है कि क्राइम ब्रांच द्वारा PSC अध्यक्ष और सदस्यों से पूछताछ की जा रही है। उन्होंने यह भी बताया कि निवर्तमान राज्यपाल राजेंद्र वी. अर्लेकर पहले ही राष्ट्रपति को पत्र लिखकर 16 सदस्यीय PSC बोर्ड (अध्यक्ष समेत) को हटाने की मांग कर चुके हैं। हसन ने वीडी सतीशन सरकार से आग्रह किया कि उन्हें हटाने के लिए तत्काल संवैधानिक प्रक्रिया शुरू की जाए। उन्होंने कहा, "सरकार गंभीर आरोपों का सामना कर रहे लोगों को पद पर बने रहने की अनुमति नहीं दे सकती।"

इनपुट: IANS

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News4Social नेशनल डेस्क

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