कर्नाटक: दूध-दही के दाम बढ़ने पर भड़की भाजपा, राज्यव्यापी आंदोलन की चेतावनी
कर्नाटक में कांग्रेस सरकार द्वारा दूध और दही की कीमतें बढ़ाने के फैसले ने राजनीतिक सरगर्मी बढ़ा दी है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने इस मूल्य वृद्धि के खिलाफ पूरे राज्य में विरोध प्रदर्शन करने का…
कर्नाटक में कांग्रेस सरकार द्वारा दूध और दही की कीमतें बढ़ाने के फैसले ने राजनीतिक सरगर्मी बढ़ा दी है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने इस मूल्य वृद्धि के खिलाफ पूरे राज्य में विरोध प्रदर्शन करने का ऐलान किया है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष और विधायक बीवाई विजयेंद्र ने शनिवार को यह घोषणा की।
दावनगेरे में मीडिया से बात करते हुए विजयेंद्र ने कहा कि यह मूल्य वृद्धि दीपावली और कन्नड़ राज्योत्सव पर सरकार की तरफ से जनता को दिया गया 'उपहार' है। उन्होंने आरोप लगाया कि जब से कांग्रेस सत्ता में आई है, वह लगातार कीमतें बढ़ाकर आम लोगों पर बोझ डाल रही है।
मूल्य वृद्धि और सरकार पर आरोप
राज्य सरकार ने दूध की कीमत में 8 रुपए प्रति लीटर की बढ़ोतरी की है, साथ ही दही के दाम भी बढ़ाए गए हैं। विजयेंद्र ने कहा, "हम मानते हैं कि दूध की कीमतों में वृद्धि से किसानों को लाभ होगा। हालांकि, किसानों की मदद के नाम पर उपभोक्ताओं पर बोझ डालना उचित नहीं है।" उन्होंने सुझाव दिया कि सरकार को दूध पर सब्सिडी बढ़ाकर अतिरिक्त खर्च खुद वहन करना चाहिए था।
भाजपा नेता ने दावा किया कि कांग्रेस सरकार पेट्रोल, शराब और स्टांप शुल्क की कीमतें पहले ही बढ़ा चुकी है। उन्होंने यह भी कहा कि बस किराए में भी वृद्धि की तैयारी चल रही है, जिससे आम परिवारों का जीवन और कठिन हो गया है। विजयेंद्र ने मांग की कि सरकार मूल्य वृद्धि वापस ले, अन्यथा भाजपा पूरे राज्य में अपना आंदोलन तेज करेगी।
अन्य मुद्दे और वित्तीय स्थिति पर सवाल
विजयेंद्र ने राज्य की वित्तीय स्थिति पर भी गंभीर सवाल उठाए। मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार के उस बयान पर, जिसमें उन्होंने बसों के लिए डीजल खरीदने के पैसे न होने की बात कही थी, विजयेंद्र ने कहा, "हम पिछले छह महीनों से राज्य की वित्तीय स्थिति पर श्वेत पत्र की मांग कर रहे हैं।" उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि दूध उत्पादकों को दी जाने वाली लगभग 1,700 करोड़ रुपए की सब्सिडी अभी भी लंबित है।
इसके अलावा, उन्होंने गन्ना उत्पादकों की समस्याओं का समाधान करने में सरकार की विफलता की आलोचना की और इसे 'हास्यास्पद' बताया। उन्होंने हरियाणा का उदाहरण देते हुए कर्नाटक सरकार से इस मुद्दे पर गंभीरता से प्रयास करने का आग्रह किया।
इनपुट: IANS



