भारत-अमेरिका व्यापार समझौता जल्द हो सकता है पूरा, अमेरिकी राजदूत ने दिए सकारात्मक संकेत
भारत और अमेरिका के बीच बहुप्रतीक्षित व्यापार समझौते को लेकर बातचीत अंतिम चरण में है और इसे जल्द ही अंतिम रूप दिया जा सकता है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने…
भारत और अमेरिका के बीच बहुप्रतीक्षित व्यापार समझौते को लेकर बातचीत अंतिम चरण में है और इसे जल्द ही अंतिम रूप दिया जा सकता है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने शनिवार को अटलांटा में यह जानकारी दी। उन्होंने दोनों देशों के बीच चल रही वार्ताओं की तुलना भारत और यूरोपीय संघ के बीच हुए समझौते से की, जिसे पूरा होने में लगभग दो दशक लग गए थे।
गोर ने पत्रकारों से कहा, "व्यापार समझौता लंबे समय से अंतिम चरण में है और हमें उम्मीद है कि हम इसे अंतिम रूप देने में सफल होंगे।" उन्होंने परिप्रेक्ष्य स्पष्ट करते हुए कहा, "मैं लोगों से एक बात कहता हूं कि इस मामले को व्यापक परिप्रेक्ष्य में देखें। भारत और यूरोपीय संघ के बीच व्यापार समझौते में लगभग 20 साल लगे। हम इस प्रक्रिया में एक साल से थोड़ा अधिक समय से हैं, इसलिए हमारे पास पर्याप्त समय है। हम इसे पूरा करेंगे।"
क्वाड बैठक और नेताओं का शिखर सम्मेलन
अमेरिकी राजदूत ने अटलांटा में हो रही क्वाड (अमेरिका, भारत, जापान, ऑस्ट्रेलिया) विदेश मंत्रियों की बैठक के महत्व पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने उम्मीद जताई कि यह बैठक चारों देशों के नेताओं के शिखर सम्मेलन का मार्ग प्रशस्त कर सकती है। इस साल यह क्वाड की तीसरी मंत्रिस्तरीय बैठक है, जिसकी मेजबानी अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो कर रहे हैं और इसमें भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर भी शामिल हो रहे हैं।
गोर ने बताया, "हमारी पहली बैठक दिल्ली में हुई थी। इसके बाद दूसरी बैठक मनीला में और अब तीसरी बैठक अटलांटा में हो रही है। हमें उम्मीद है कि इससे चारों देशों के नेताओं के शिखर सम्मेलन को अंतिम रूप देने और उसकी घोषणा करने का रास्ता साफ होगा।"
मजबूत होते द्विपक्षीय संबंध और सैन्य सहयोग
भारत-अमेरिका संबंधों को 'शानदार' बताते हुए गोर ने कहा कि फार्मा, आईटी और सैन्य सहयोग जैसे क्षेत्रों में दोनों देश पहले से कहीं अधिक ऊँचे स्तर पर मिलकर काम कर रहे हैं। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि भारत किसी भी अन्य देश की तुलना में अमेरिका के साथ सबसे ज्यादा सैन्य अभ्यास करता है।
उन्होंने हाल ही में हुए 'युद्ध अभ्यास' में 500 अमेरिकी सैनिकों की तैनाती और 'तरंग शक्ति' हवाई अभ्यास का उदाहरण दिया, जिसमें पहली बार एफ-35 लड़ाकू विमान भी शामिल हुए थे। गोर ने संकेत दिया कि अगले महीने एक और महत्वपूर्ण सैन्य अभ्यास होने वाला है, लेकिन इसका ब्योरा नहीं दिया। उन्होंने कहा, "आपको बहुत जल्द कुछ देखने को मिलेगा। अगले महीने एक और बेहद दिलचस्प सैन्य अभ्यास होगा।"
राजदूत ने यह भी बताया कि जी-20 बैठक से पहले दोनों देश कुछ महत्वपूर्ण घोषणाओं की उम्मीद कर रहे हैं और इस दिशा में पर्दे के पीछे तेजी से काम चल रहा है।
इनपुट: IANS



