शनिवार, 31 अक्टूबर 2026 · नई दिल्ली
देश

ऑपरेशन ट्राइडेंट: पूर्वोत्तर में अंतरराष्ट्रीय हवाला नेटवर्क का भंडाफोड़, ED ने 4 और लोगों को किया गिरफ्तार

प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने पूर्वोत्तर भारत में चल रहे एक बड़े अंतरराष्ट्रीय हवाला नेटवर्क के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के अनुसार, 'ऑपरेशन ट्राइडेंट' के तहत एजेंसी ने चार…

ऑपरेशन ट्राइडेंट: पूर्वोत्तर में अंतरराष्ट्रीय हवाला नेटवर्क का भंडाफोड़, ED ने 4 और लोगों को किया गिरफ्तार
(फोटो: IANS)

प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने पूर्वोत्तर भारत में चल रहे एक बड़े अंतरराष्ट्रीय हवाला नेटवर्क के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के अनुसार, 'ऑपरेशन ट्राइडेंट' के तहत एजेंसी ने चार और आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिससे इस मामले में गिरफ्तारियों की कुल संख्या दस हो गई है। यह गिरफ्तारियां नशीले पदार्थों की तस्करी और हवाला के जरिए पैसों के लेनदेन से जुड़ी हैं, जिसके तार म्यांमार तक फैले हैं।

विज्ञापन

गिरफ्तार किए गए आरोपियों में मिजोरम के चम्फाई निवासी लालराममुआना, म्यांमार के बुलफेक गांव का थांगसिंटुआंग (उर्फ चिंटुआंग उर्फ तलुआंगा), और असम के श्रीभूमि जिले के जब्रुल हक व अबू सालेह मोहम्मद सैफ उद्दीन शामिल हैं। ये सभी पहले से ही नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) के मामलों में आइजोल की केंद्रीय जेल में बंद थे। ED ने उन्हें पेशी वारंट पर अदालत में पेश कर औपचारिक रूप से गिरफ्तार किया और पूछताछ के लिए 48 घंटे की हिरासत हासिल की।

हवाला कारोबार का जटिल जाल

जांच के दौरान मणिपुर के चुराचांदपुर जिले में एक आरोपी जेंगैहनियांग उर्फ तानियांग के घर पर तलाशी ली गई, जहां से हवाला कारोबार से जुड़े हस्तलिखित रजिस्टर, कैश बुक और नोटबुक बरामद हुए। इनसे पता चला कि भारत के विभिन्न हिस्सों से नकद और बैंक खातों में पैसे लेकर उसे म्यांमार की मुद्रा 'क्यात' में बदला जाता था। दस्तावेजों के मुताबिक, एक दिन में 54.47 लाख रुपये (लगभग 26 करोड़ क्यात) तक का लेनदेन होता था।

ED के बयान में कहा गया है कि इन रिकॉर्ड्स में अप्रैल 2025 से फरवरी 2026 के बीच म्यांमार के मोबाइल वॉलेट 'केपे' और अमेरिकी डॉलर में हुए लेनदेन का भी जिक्र है। पहचान छिपाने के लिए टोकन के तौर पर इस्तेमाल किए गए 10 रुपये के सात नोट भी जब्त किए गए हैं, जिन पर कुछ लिखा हुआ था।

कैसे काम करता था यह नेटवर्क

इस नेटवर्क में हर आरोपी की अपनी भूमिका थी। थांगसिंटुआंग म्यांमार से 49.101 किलोग्राम मेथम्फेटामाइन की खेप का सप्लायर था, जिसे 21 अगस्त, 2025 को जब्त किया गया था। लालराममुआना इसका मुख्य संचालक था, जबकि जब्रुल हक त्रिपुरा सीमा पर इसे प्राप्त करने वाला था। वहीं, असम के अबू सालेह के खाते में 11.44 करोड़ रुपये आए, जिनका इस्तेमाल चम्फाई के हवाला खातों में पैसा जमा करने के लिए किया गया।

ड्रग्स के बदले सामान की सप्लाई

यह नेटवर्क 'ड्रग्स के बदले सामान' के मॉडल पर काम कर रहा था। ड्रग्स से कमाए गए पैसों का इस्तेमाल रोजमर्रा का सामान खरीदने में किया जाता था और फिर उसे म्यांमार में बैठे ड्रग सप्लायरों को भेजा जाता था। जांच में पता चला कि आरोपी जेंगैहनियांग ने एक मिनी-एटीएम काउंटर और बिचौलिए खातों के जरिए बैंकिंग सिस्टम से 175 करोड़ रुपये से अधिक का लेनदेन किया।

इस रकम से पश्चिम बंगाल की आटा मिल, असम के खाद्य तेल व्यापारी, मिजोरम के पेट्रोल पंप, और दिल्ली के जूता-कपड़ा व्यापारियों जैसे कई सप्लायरों को भुगतान किया गया। हालांकि, इन सौदों के बिल किसी तीसरी पार्टी के नाम पर बनाए जाते थे, ताकि सीमा पार के इस लेनदेन का कोई वित्तीय सुराग न बचे। ED ने इस नेटवर्क से जुड़े 991 बैंक खातों को फ्रीज कर दिया है और आगे की जांच जारी है।

इनपुट: IANS

N

News4Social नेशनल डेस्क

News4Social नेशनल डेस्क — IANS समेत लाइसेंस-प्राप्त समाचार एजेंसियों की फीड से राष्ट्रीय घटनाक्रम से जुड़ी ताज़ा व प्रामाणिक खबरें संपादकीय समीक्षा के बाद प्रकाशित करता है। हर खबर उसके स्रोत के श्रेय (credit) के साथ दी जाती है। सभी लेख देखें →

आगे पढ़ें

और देखें →