मध्य प्रदेश: किसानों की फसल बचाने और काले हिरणों को सुरक्षित रखने के लिए 'बोमा पद्धति' से रेस्क्यू अभियान
मध्य प्रदेश के शाजापुर जिले में किसानों की फसलों को जंगली जानवरों से बचाने और काले हिरणों के संरक्षण के लिए एक बड़ा अभियान चलाया जा रहा है। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने मंगलवार को इस बचाव एवं पुनर्वास…
मध्य प्रदेश के शाजापुर जिले में किसानों की फसलों को जंगली जानवरों से बचाने और काले हिरणों के संरक्षण के लिए एक बड़ा अभियान चलाया जा रहा है। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने मंगलवार को इस बचाव एवं पुनर्वास अभियान के दूसरे चरण का निरीक्षण किया और इसे वन्यजीवों और किसानों, दोनों के हित में एक महत्वपूर्ण पहल बताया। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, इस अभियान में अफ़्रीका से आई एक विशेषज्ञ टीम की मदद से 'बोमा पद्धति' का इस्तेमाल किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री यादव ने शाजापुर के रणथम्भवार गांव का दौरा कर अभियान की प्रगति का जायजा लिया। उन्होंने बताया कि इस विशेष तकनीक के तहत हेलीकॉप्टर की मदद से काले हिरणों को सुरक्षित बाड़ों में लाया जाता है। उनका कहना था, "हमारा उद्देश्य वन्यजीवों की सुरक्षा सुनिश्चित करना और साथ ही किसानों की फसलों की रक्षा करना है।" इस प्रक्रिया में विशेष सावधानी बरती जा रही है ताकि किसी भी जानवर को कोई चोट न लगे।
दक्षिण एशिया में पहली बार ऐसा बचाव कार्य
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने इस अभियान को एक अभूतपूर्व प्रयास बताते हुए दावा किया कि दक्षिण एशिया में यह पहली बार है जब हेलीकॉप्टर की मदद से बोमा पद्धति का उपयोग कर वन्यजीवों को बचाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि अब तक लगभग 1,236 काले हिरण पकड़े जा चुके हैं। इन हिरणों को श्योपुर, गांधी सागर और रानी दुर्गावती आरक्षित वनों जैसे विभिन्न वन क्षेत्रों में छोड़ा जाएगा। जानवरों को सुरक्षित रूप से स्थानांतरित करने के लिए पशु चिकित्सकों और आवश्यक उपकरणों से लैस 11 ट्रकों की व्यवस्था की गई है।
'किसान कल्याण वर्ष' के तहत पहल
यह स्थानांतरण अभियान राज्य सरकार द्वारा 2026 को 'किसान कल्याण वर्ष' घोषित किए जाने के तहत चलाया जा रहा है। सरकार का मानना है कि काले हिरण और नीलगाय जैसे जंगली जानवरों से फसलों को होने वाला नुकसान किसानों के लिए एक बड़ी चिंता का विषय है। इस अभियान का दोहरा उद्देश्य है- एक तरफ फसलों को नुकसान से बचाना और दूसरी तरफ इन जानवरों को उनके लिए उपयुक्त और सुरक्षित आवासों में पहुंचाना। मुख्यमंत्री ने वन विभाग की टीम को बधाई देते हुए उम्मीद जताई कि इस परियोजना की सफलता देश के अन्य राज्यों और विदेशों को भी यह तरीका अपनाने के लिए प्रेरित करेगी।
इनपुट: IANS



