मुंबई BMC कर्मचारियों को मिला दिवाली का तोहफा, 33 हजार रुपये बोनस की घोषणा
मुंबई में दिवाली के त्योहार से पहले बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) के कर्मचारियों को बड़ी सौगात मिली है। प्रशासन ने इस साल के लिए 33,000 रुपये के दिवाली बोनस की घोषणा की है। यह फैसला मेयर ऋतु तावड़े…
मुंबई में दिवाली के त्योहार से पहले बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) के कर्मचारियों को बड़ी सौगात मिली है। प्रशासन ने इस साल के लिए 33,000 रुपये के दिवाली बोनस की घोषणा की है। यह फैसला मेयर ऋतु तावड़े की अध्यक्षता में हुई एक अहम बैठक के बाद लिया गया, जिसमें प्रशासनिक अधिकारी और कर्मचारी संगठनों के प्रतिनिधि भी शामिल थे। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, यह बोनस पिछले साल की तुलना में 1,000 रुपये अधिक है।
मेयर ऋतु तावड़े ने जानकारी दी कि कर्मचारियों को उनका वेतन और बोनस, दोनों एक साथ 2 नवंबर को दे दिया जाएगा। इस कदम का मकसद यह सुनिश्चित करना है कि कर्मचारी और उनका परिवार त्योहार अच्छे से मना सकें। उन्होंने बताया कि यह फैसला कर्मचारियों के योगदान और शहर में बढ़ते विकास कार्यों की जिम्मेदारियों को ध्यान में रखकर किया गया है।
लगातार तीसरे साल बढ़ा बोनस
इस बार बोनस राशि में 1,000 रुपये की बढ़ोतरी की गई है। मेयर ने बताया कि वर्ष 2024-25 में कर्मचारियों को 31,000 रुपये और पिछले वर्ष 32,000 रुपये बोनस दिया गया था। इस साल कर्मचारी संगठन इससे भी ज़्यादा बढ़ोतरी की मांग कर रहे थे। हालांकि, राज्य की मौजूदा आर्थिक परिस्थितियों पर चर्चा के बाद सभी पक्ष 33,000 रुपये के प्रस्ताव पर सहमत हो गए। मेयर ने कहा, "अगर किसान संकट में है तो मुंबई का भी दायित्व बनता है कि वह अपनी सामाजिक जिम्मेदारियों को समझे।"
करीब एक लाख कर्मचारियों को मिलेगा लाभ
बीएमसी के इस फैसले से शिक्षा विभाग में कार्यरत 93,509 कर्मचारियों और 2,360 शिक्षकों समेत बड़ी संख्या में स्टाफ को फायदा होगा। बैठक में प्रशासन की ओर से किशोर गांधी और देवीदास क्षीरसागर जैसे वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे। वहीं, वर्कर्स कमेटी के पदाधिकारियों ने भी इसमें हिस्सा लिया। मेयर ने यह भी बताया कि आशा वॉलंटियर्स के बोनस की मांग पर वह बीएमसी आयुक्त से चर्चा कर जल्द समाधान निकालने का प्रयास करेंगी।
स्कूलों के मुद्दे पर भी मेयर ने दिया बयान
बैठक के दौरान बीएमसी स्कूलों से जुड़े कुछ अन्य मुद्दे भी उठे। स्कूलों में खराब गुणवत्ता वाले भोजन परोसे जाने के आरोप पर मेयर ने सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि अगर जांच में आरोप सही पाए जाते हैं, तो संबंधित एनजीओ को निलंबित किया जाना चाहिए। छात्रों को दिए गए टैबलेट की खराब गुणवत्ता के सवाल पर उन्होंने कहा कि बीएमसी आयुक्त को इस मामले को गंभीरता से देखना चाहिए।
इनपुट: IANS



