तेलंगाना: कैबिनेट से हटाए जाने पर मंत्री कोंडा सुरेखा का CM रेवंत रेड्डी पर 'ब्लैकमेल' का आरोप
तेलंगाना सरकार में वन, पर्यावरण और बंदोबस्त मंत्री रहीं कोंडा सुरेखा ने खुद को कैबिनेट से हटाए जाने को 'बदले की भावना से की गई कार्रवाई' बताया है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, गुरुवार को उन्होंने…
तेलंगाना सरकार में वन, पर्यावरण और बंदोबस्त मंत्री रहीं कोंडा सुरेखा ने खुद को कैबिनेट से हटाए जाने को 'बदले की भावना से की गई कार्रवाई' बताया है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, गुरुवार को उन्होंने मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी पर कांग्रेस आलाकमान को ब्लैकमेल करने का गंभीर आरोप लगाया।
सुरेखा ने दावा किया कि मुख्यमंत्री ने पार्टी नेतृत्व को धमकी दी थी कि अगर उन्हें (सुरेखा को) नहीं हटाया गया तो वह पार्टी छोड़ देंगे। उन्होंने कहा कि बिना कोई स्पष्टीकरण मांगे या कारण बताए उन्हें मंत्रिपरिषद से निकाल दिया गया।
बिना हस्ताक्षर के राज्यपाल को भेजी सिफारिश
उन्होंने प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए कहा कि राज्यपाल को उनके निष्कासन की सिफारिश बिना लेटरहेड और हस्ताक्षर वाले पत्र पर भेजी गई थी। कोंडा सुरेखा ने अपनी बेटी सुष्मिता द्वारा मुख्यमंत्री के खिलाफ की गई टिप्पणियों का बचाव किया, जिसे उनकी बर्खास्तगी का मुख्य कारण माना जा रहा है।
उन्होंने कांग्रेस नेता राहुल गांधी का हवाला देते हुए कहा, "राहुल गांधी ने महिलाओं और युवा लड़कियों को निडर होकर अपनी बात रखने की सलाह दी थी और मेरी बेटी ने वही किया।" सुरेखा ने स्पष्ट किया कि उन्हें अपनी बेटी की टिप्पणियों के लिए जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता और वह इसकी निंदा करने की जरूरत नहीं समझतीं।
"चुनिंदा तौर पर निशाना बनाया गया"
सुरेखा ने आरोप लगाया कि उन्हें जानबूझकर निशाना बनाया गया, जबकि अनुशासनहीनता करने वाले कई अन्य नेताओं पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने कहा, "मल्लू रवि और जयपाल रेड्डी जैसे सीनियर नेताओं ने इंदिरा गांधी के खिलाफ अपशब्द कहे थे, लेकिन फिर भी वे सभी पदों पर बने रहे।" उन्होंने अन्य नेताओं को चेताते हुए कहा, "अगर आज मेरी बारी है, तो कल आपकी बारी हो सकती है।"
उन्होंने यह भी दावा किया कि विधायक कडियम श्रीहरी उनके विभाग में दखल दे रहे थे, जिससे मंत्री के तौर पर उनकी शक्तियां कम हो गई थीं। वारंगल जिले की कांग्रेस नेता ने कहा कि वह अपना फैसला वापस लेने के लिए आलाकमान से नहीं कहेंगी, लेकिन पार्टी को नगर निगम चुनावों से पहले अपनी रणनीति सुधारने की सलाह दी। उन्होंने बताया कि इस पूरे मामले पर उन्होंने पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, सोनिया गांधी और राहुल गांधी को पत्र लिखे हैं।
इनपुट: IANS



