नोएडा: बिना PUC सर्टिफिकेट वाले वाहनों को नहीं मिलेगा पेट्रोल-डीजल, 113 पंपों पर नियम लागू
गौतमबुद्धनगर में वायु प्रदूषण पर लगाम कसने के लिए एक बड़ा कदम उठाया गया है। अब जिले के किसी भी पेट्रोल पंप पर उन वाहनों को ईंधन नहीं मिलेगा, जिनके पास वैध प्रदूषण नियंत्रण प्रमाण-पत्र (PUCC) नहीं है…
गौतमबुद्धनगर में वायु प्रदूषण पर लगाम कसने के लिए एक बड़ा कदम उठाया गया है। अब जिले के किसी भी पेट्रोल पंप पर उन वाहनों को ईंधन नहीं मिलेगा, जिनके पास वैध प्रदूषण नियंत्रण प्रमाण-पत्र (PUCC) नहीं है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के अनुसार, 'नो पीयूसी, नो पेट्रोल' की यह व्यवस्था 1 अक्टूबर 2026 से प्रभावी हो गई है, जिसका मकसद राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) की हवा को साफ-सुथरा बनाना है।
यह कार्रवाई वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग द्वारा एनसीआर में प्रदूषण घटाने के लिए जारी दिशा-निर्देशों के तहत की जा रही है। प्रशासन ने इस नियम को सख्ती से लागू करने के लिए पूरी तैयारी कर ली है।
पेट्रोल पंपों पर ऐप से हो रही जांच
इस नई व्यवस्था को जमीन पर उतारने के लिए जिले के सभी 113 पेट्रोल पंपों पर एक विशेष पीयूसीसी ऐप इंस्टॉल किया गया है। जब कोई वाहन ईंधन भरवाने आता है, तो पहले इस ऐप के जरिए उसके प्रदूषण प्रमाण-पत्र की वैधता जांची जाती है। अगर सर्टिफिकेट वैध नहीं है, तो वाहन को पेट्रोल या डीजल देने से मना कर दिया जाता है।
प्रशासन की टीमें कर रहीं निगरानी
नियम का पालन सुनिश्चित करने के लिए जिला पूर्ति अधिकारी और एआरटीओ (सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी) की संयुक्त टीमें पेट्रोल पंपों का लगातार निरीक्षण कर रही हैं। जिला पूर्ति अधिकारी निलेश उत्पल ने बताया कि इस व्यवस्था को प्रभावी ढंग से लागू कराया जाएगा। अधिकारियों ने पेट्रोल पंप संचालकों को निर्देश दिए हैं कि वे सरकारी दिशा-निर्देशों का कड़ाई से पालन करें और जांच की व्यवस्था को सुचारू बनाए रखें।
लोगों को किया जा रहा जागरूक
प्रशासन सिर्फ सख्ती ही नहीं, बल्कि जागरूकता पर भी जोर दे रहा है। सभी पेट्रोल पंपों पर 'नो पीयूसी, नो पेट्रोल' के बैनर और पोस्टर लगाए जा रहे हैं, ताकि वाहन चालकों को पहले से जानकारी मिल सके। वाहन मालिकों से अपील की जा रही है कि वे समय पर अपने वाहनों का प्रदूषण जांच कराकर वैध पीयूसी प्रमाण-पत्र बनवा लें और उसकी वैधता खत्म होने से पहले उसे रिन्यू करा लें।
इनपुट: IANS



