मराठा आरक्षण: मनोज जरांगे पर बरसे छगन भुजबल, कहा - 'बेलगाम ट्रेन' बन गया है आंदोलन
महाराष्ट्र में मराठा आरक्षण आंदोलन को लेकर राज्य सरकार के मंत्री और एनसीपी नेता छगन भुजबल ने आंदोलन के प्रमुख चेहरे मनोज जरांगे पाटिल पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने जरांगे पाटिल द्वारा इस्तेमाल की जा…
महाराष्ट्र में मराठा आरक्षण आंदोलन को लेकर राज्य सरकार के मंत्री और एनसीपी नेता छगन भुजबल ने आंदोलन के प्रमुख चेहरे मनोज जरांगे पाटिल पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने जरांगे पाटिल द्वारा इस्तेमाल की जा रही आक्रामक भाषा और नेताओं पर व्यक्तिगत हमलों को लेकर गंभीर चिंता जताई है। समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के मुताबिक, भुजबल ने कहा कि कैबिनेट के कई मंत्री भी जरांगे पाटिल की बयानबाजी से बेहद नाराज हैं।
बुधवार को मीडिया से बात करते हुए भुजबल ने बताया कि हाल की कैबिनेट बैठकों के बाद मंत्रियों ने सामूहिक रूप से इस बात पर नाराजगी व्यक्त की कि जरांगे पाटिल लगातार नेताओं, उनके परिवारों और प्रशासनिक अधिकारियों को निशाना बना रहे हैं। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि मुख्यमंत्री के पिता, कैबिनेट सहयोगी चंद्रकांत बावनकुले और यहां तक कि एक महिला जिला कलेक्टर पर भी व्यक्तिगत हमले किए गए।
हिंसक घटनाओं और मांगों पर सरकार का रुख
भुजबल ने बीड जिले में हुई हिंसा और आगजनी की घटनाओं को याद दिलाया, जहां विधायकों के घरों और होटलों में आग लगा दी गई थी और पुलिस असहाय नजर आ रही थी। उन्होंने कहा कि सरकार ने आंदोलनकारियों की 13 में से 12 मांगें स्वीकार कर ली थीं, लेकिन उनकी एक मांग कानून के दायरे से बाहर है। भुजबल ने सवाल किया कि प्रदर्शनकारियों को संतुष्ट करने के लिए सरकार कानूनी सीमाओं को कैसे लांघ सकती है। मनोज जरांगे पाटिल के अभियान को 'बेलगाम ट्रेन' बताते हुए उन्होंने कहा, "देर आए दुरुस्त आए," और यह भी जोड़ा कि अब उनके सहयोगी भी इस कटुता के खिलाफ आवाज उठा रहे हैं।
OBC हितों और चुनावी जीत पर बयान
भुजबल ने अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के हितों की रक्षा की भी वकालत की। उन्होंने मांग की कि मराठा समुदाय के लिए दी जा रही योजनाओं और फंड का लाभ ओबीसी समुदाय को भी बराबर मिलना चाहिए। उन्होंने महायुति गठबंधन को याद दिलाया कि उन्हें 60 से 70 प्रतिशत ओबीसी मतदाताओं का समर्थन मिला था। भुजबल ने इस दावे को भी खारिज कर दिया कि जरांगे पाटिल ने चुनावों में एकनाथ शिंदे की मदद की थी। उन्होंने कहा कि महायुति की जीत का श्रेय सरकार की कल्याणकारी योजनाओं, खासकर 'लाडकी बहिन योजना' और अजीत पवार तथा देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्व को जाता है।
इसके अलावा, भुजबल ने कहा कि राज्य का वित्त विभाग आदर्श रूप से फिर से एनसीपी के पास आना चाहिए और उन्होंने धनंजय मुंडे को मंत्रिमंडल में शामिल करने का समर्थन किया। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि इस पर अंतिम निर्णय पार्टी नेतृत्व का होगा।
इनपुट: IANS



