चेन्नई की सड़कों से हटेंगे जातिसूचक नाम, तमिलनाडु सरकार की सामाजिक न्याय पहल
तमिलनाडु में सामाजिक न्याय की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए ग्रेटर चेन्नई कॉर्पोरेशन (जीसीसी) ने शहर की सड़कों के नाम-पट्टिकाओं से जाति आधारित नामों को हटाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। समाचार…
तमिलनाडु में सामाजिक न्याय की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए ग्रेटर चेन्नई कॉर्पोरेशन (जीसीसी) ने शहर की सड़कों के नाम-पट्टिकाओं से जाति आधारित नामों को हटाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के अनुसार, इस पहल का उद्देश्य सार्वजनिक स्थानों से जातिसूचक संदर्भों को समाप्त करना है, जिसके लिए पूरे शहर में एक विस्तृत सर्वेक्षण किया जा रहा है।
कॉर्पोरेशन के सभी 15 ज़ोन के अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में सड़कों के नामों की जांच कर एक विस्तृत रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया गया है। अब तक की कार्रवाई में कोडंबक्कम, वलसरवक्कम और अड्यार ज़ोन में जाति से जुड़े नामों वाली करीब 77 सड़कों की पहचान की जा चुकी है, जबकि बाकी ज़ोन से रिपोर्ट आनी अभी बाकी है।
क्या है नाम बदलने की प्रक्रिया?
यह पूरी कवायद सामाजिक न्याय विभाग के निर्देशों पर आधारित है, जिसमें राज्य भर के स्थानीय निकायों को आवासीय क्षेत्रों, सड़कों, जलाशयों और गांवों के नामों से जातिसूचक शब्दों को हटाने या बदलने के लिए कहा गया था। इसके लिए 6 अक्टूबर को नगर प्रशासन और जलापूर्ति विभाग ने सरकारी आदेश 313 जारी किया था, जिसमें नाम बदलने के लिए स्पष्ट दिशानिर्देश तय किए गए थे।
दिशानिर्देशों के मुताबिक, यदि किसी व्यक्ति के नाम का हिस्सा जातिसूचक है, तो सिर्फ उस हिस्से को हटाया जाएगा। लेकिन अगर किसी सड़क का नाम पूरी तरह से किसी जाति पर आधारित है, तो उसे पूरी तरह बदल दिया जाएगा। जीसीसी अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि हर प्रस्ताव की गहन जांच के बाद ही बदले हुए नाम को अंतिम मंज़ूरी दी जाएगी। उदाहरण के तौर पर, कोडंबक्कम ज़ोन में गेंगु रेड्डी रोड, ब्राह्मण स्ट्रीट, वन्नियार स्ट्रीट और डॉ. नायर रोड जैसे नामों की समीक्षा की जा रही है।
सामाजिक संगठनों ने किया स्वागत
इस पहल का स्वागत करते हुए तमिलनाडु अस्पृश्यता उन्मूलन मोर्चा की राज्य सचिव के. वेनी ने इसे सामाजिक न्याय के प्रति राज्य की पुरानी प्रतिबद्धता के अनुरूप बताया है। उन्होंने सरकार से आग्रह किया है कि नए नाम तय करते समय डॉ. बी.आर. अंबेडकर और एम. सिंगारावेलार जैसे समाज सुधारकों को भी सम्मान दिया जाए। वेनी ने कहा कि उनके संगठन ने इस संबंध में एक ज्ञापन भी सौंपा है।
इस पूरी पहल की प्रगति की समीक्षा जल्द ही मुख्यमंत्री जोसेफ विजय की अध्यक्षता में होने वाली राज्य-स्तरीय सतर्कता और निगरानी समिति की बैठक में की जाएगी। चेन्नई में पहले भी इस तरह के बदलाव हो चुके हैं, जैसे जी.एन. चेटी रोड को गोपाथी नारायणन रोड किया गया था।
इनपुट: IANS



