ग्वालियर में बनेगा भारत का पहला टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग जोन, केंद्र सरकार देगी ₹493 करोड़ की मदद
भारत के दूरसंचार विनिर्माण क्षेत्र को एक बड़ी गति मिलने वाली है। केंद्र सरकार और मध्य प्रदेश सरकार ने मिलकर ग्वालियर में देश का पहला टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग जोन (TMZ) स्थापित करने का फैसला किया है…
भारत के दूरसंचार विनिर्माण क्षेत्र को एक बड़ी गति मिलने वाली है। केंद्र सरकार और मध्य प्रदेश सरकार ने मिलकर ग्वालियर में देश का पहला टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग जोन (TMZ) स्थापित करने का फैसला किया है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, इस महत्वपूर्ण परियोजना के लिए गुरुवार को नई दिल्ली में एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए जाएंगे।
केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने इस पहल को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'आत्मनिर्भर भारत', 'मेक इन इंडिया' और 'विकसित भारत 2047' के सपनों को साकार करने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम बताया है। उनका कहना है कि इससे देश में दूरसंचार विनिर्माण के लिए एक विश्वस्तरीय इकोसिस्टम तैयार होगा। इस परियोजना से न केवल घरेलू उत्पादन क्षमता बढ़ेगी, बल्कि भारत दूरसंचार उपकरणों के एक वैश्विक उत्पादन केंद्र के रूप में भी स्थापित होगा।
परियोजना की रूपरेखा और फंडिंग
यह महत्वाकांक्षी जोन ग्वालियर में लगभग 350 एकड़ भूमि पर विकसित किया जाएगा और यह 'प्लग-एंड-प्ले' मॉडल पर आधारित होगा, जिसका मतलब है कि कंपनियों को यहां आकर उत्पादन शुरू करने के लिए तैयार बुनियादी ढाँचा मिलेगा। परियोजना के पहले चरण में इंफ्रास्ट्रक्चर के निर्माण के लिए केंद्र सरकार ने 493 करोड़ रुपए की 100 प्रतिशत वित्तीय सहायता को मंजूरी दी है।
क्या-क्या बनेगा इस जोन में?
आधिकारिक जानकारी के मुताबिक, इस एकीकृत विनिर्माण जोन में कई अत्याधुनिक तकनीकों पर काम होगा। यहाँ मोबाइल फोन, दूरसंचार नेटवर्क के उपकरण, फाइबर ऑप्टिक उत्पाद और सेमीकंडक्टर का उत्पादन किया जाएगा। इसके अलावा, अगली पीढ़ी की 5जी और 6जी तकनीकों पर शोध, विकास और उत्पादन के लिए भी विशेष सुविधाएं विकसित की जाएंगी। यह जोन इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन जैसी राष्ट्रीय पहलों को भी मजबूती प्रदान करेगा।
रोजगार और निवेश के नए अवसर
इस परियोजना के माध्यम से बड़े पैमाने पर निवेश आकर्षित होने की उम्मीद है। सिंधिया ने अपने बयान में कहा, "ग्वालियर में देश के पहले टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग जोन की स्थापना से न केवल दूरसंचार विनिर्माण को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि निवेश आकर्षित होगा, रोजगार के अवसर पैदा होंगे और नवाचार तथा निर्यात को भी प्रोत्साहन मिलेगा।" इससे इलेक्ट्रॉनिक्स और दूरसंचार क्षेत्र से जुड़े सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (MSME) और स्टार्टअप्स के लिए भी नए रास्ते खुलेंगे। नई दिल्ली के विज्ञान भवन में होने वाले एमओयू हस्ताक्षर समारोह में मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव भी मौजूद रहेंगे।
इनपुट: IANS



