वाराणसी: फर्नीचर बिल पास करने के बदले मांगी रिश्वत, CBI ने रेलवे के वरिष्ठ अधिकारी को रंगे हाथों पकड़ा
उत्तर प्रदेश के वाराणसी में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने पूर्वोत्तर रेलवे (NER) के एक वरिष्ठ अधिकारी को रिश्वतखोरी के आरोप में गिरफ्तार किया है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, सीनियर…
उत्तर प्रदेश के वाराणसी में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने पूर्वोत्तर रेलवे (NER) के एक वरिष्ठ अधिकारी को रिश्वतखोरी के आरोप में गिरफ्तार किया है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, सीनियर डिविजनल मैटेरियल्स मैनेजर पर एक फर्म से 1.70 लाख रुपये की घूस लेने का आरोप है। सीबीआई ने जाल बिछाकर अधिकारी को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ा।
यह कार्रवाई गवर्नमेंट ई-मार्केटप्लेस (GeM) पर पंजीकृत एक निजी फर्म के मालिक की शिकायत पर की गई। शिकायतकर्ता ने बताया कि उनकी कंपनी ने फरवरी और जून 2026 के बीच वाराणसी स्थित NER कार्यालय में 9.47 लाख रुपये के फर्नीचर की आपूर्ति की थी, लेकिन भुगतान का केवल कुछ हिस्सा ही जारी किया गया था।
बिल पास करने के लिए मांगी थी घूस
शिकायत के अनुसार, रेलवे अधिकारी ने 15 जुलाई को फर्म के रुके हुए बिलों को पास करने और भविष्य के भुगतानों में मदद करने के एवज में 1.70 लाख रुपये की रिश्वत की मांग की। सीबीआई ने बताया कि आरोपी ने शिकायतकर्ता को यह धमकी भी दी थी कि यदि घूस की रकम नहीं दी गई, तो उसे भविष्य में कोई ठेका नहीं मिलेगा।
शिकायत मिलने के बाद सीबीआई ने 23 जुलाई को जाल बिछाया और अधिकारी को रिश्वत की रकम लेते हुए गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद आरोपी को लखनऊ की एक अदालत में पेश किया गया, जहाँ से उसे 7 अगस्त तक के लिए न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। एजेंसी ने कहा है कि मामले में आगे की जांच जारी है।
एक अन्य मामले में बैंक मैनेजर को सजा
एक अलग मामले में, गाजियाबाद की एक विशेष सीबीआई अदालत ने शुक्रवार को मेरठ में एक ग्रामीण बैंक के तत्कालीन शाखा प्रबंधक को 10 साल पुराने रिश्वतखोरी के मामले में दोषी ठहराया है। सर्व यूपी ग्रामीण बैंक, माछरा शाखा के मैनेजर उमेश कुमार सिंघल को एक व्यक्ति से लोन के बदले 25,000 रुपये रिश्वत लेने के जुर्म में चार साल की कैद और 10,000 रुपये जुर्माने की सजा सुनाई गई।
इनपुट: IANS



