पलानी मंदिर भूमि घोटाला: 100 करोड़ की ज़मीन 2 करोड़ में बिकी? CB-CID ने जांच तेज़ की
तमिलनाडु के प्रसिद्ध पलानी दंडायुधपाणी स्वामी मंदिर से जुड़े एक बड़े भूमि घोटाले की जांच तेज़ हो गई है। क्राइम ब्रांच-क्रिमिनल इन्वेस्टिगेशन डिपार्टमेंट (CB-CID) ने लगभग 100 करोड़ रुपये बाज़ार मूल्य…
तमिलनाडु के प्रसिद्ध पलानी दंडायुधपाणी स्वामी मंदिर से जुड़े एक बड़े भूमि घोटाले की जांच तेज़ हो गई है। क्राइम ब्रांच-क्रिमिनल इन्वेस्टिगेशन डिपार्टमेंट (CB-CID) ने लगभग 100 करोड़ रुपये बाज़ार मूल्य की ज़मीन के कथित फ़र्ज़ी पंजीकरण के मामले में मंदिर प्रशासन से जुड़े पांच अधिकारियों से पूछताछ की है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, यह जांच मद्रास हाईकोर्ट के आदेश के बाद शुरू हुई है।
मामले का केंद्र पलानी मंदिर की तलहटी में स्थित 1.40 एकड़ प्रमुख भूमि है, जिसका इस्तेमाल हाल ही में श्रद्धालुओं के लिए पार्किंग स्थल के रूप में किया जा रहा था। यह संपत्ति दंडापाणी स्वामी मठ ट्रस्ट की है, जिसका प्रबंधन मंदिर प्रशासन ही करता है। आरोप है कि इस बेशकीमती ज़मीन का पंजीकरण इस महीने की शुरुआत में पलानी उप-पंजीयक कार्यालय में महज़ दो करोड़ रुपये में दो निजी व्यक्तियों के नाम पर कर दिया गया।
जांच का दायरा और अब तक की कार्रवाई
मामला सामने आने के बाद मद्रास हाईकोर्ट की मदुरै पीठ ने इस पंजीकरण को अवैध घोषित कर दिया और जांच CB-CID को सौंप दी। जांच हाथ में लेने के बाद एजेंसी की टीमों ने डिंडीगुल, मदुरै, थेनी, रामनाथपुरम और विरुधुनगर जैसे कई ज़िलों में तलाशी अभियान चलाया है।
CB-CID की अधीक्षक सजीथा ने डिंडीगुल कार्यालय में पांच लोगों से करीब चार घंटे तक पूछताछ की। इनमें मंदिर के भूमि अनुभाग अधीक्षक और शिकायतकर्ता मुरुगानंदम, मंदिर अधीक्षक गणपति व शिवनेसन, और दो सेवानिवृत्त राजस्व अधिकारी मारियप्पन व चिन्नासामी शामिल हैं। अधिकारियों ने मंदिर कार्यालय से ज़मीन के मूल दस्तावेज़ भी एकत्र किए हैं।
निलंबन और FIR
इस घोटाले के सामने आने पर व्यापक विवाद खड़ा हो गया था, जिसके बाद तत्कालीन पलानी उप-पंजीयक जस्टिन मणिकंदन और ज़िला पंजीयक ससिकला को निलंबित कर दिया गया। मुरुगानंदम की शिकायत पर पुलिस ने उप-पंजीयक समेत चार लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया था, जिनमें विलुप्पुरम के मुरुगादास और उदुमलपेट के पास के दो निवासी वेल्लाथुरई व सेतुपति शामिल हैं। अधिकारी के अनुसार, कथित खरीदार और विक्रेता फिलहाल फरार हैं। CB-CID को इस घोटाले में और भी लोगों के शामिल होने का संदेह है, जिससे आने वाले दिनों में पूछताछ का दायरा बढ़ सकता है।
इनपुट: IANS



