वित्तीय धोखाधड़ी मामला: कलकत्ता हाईकोर्ट से तृणमूल नेता अनुब्रत मंडल को सशर्त अग्रिम ज़मानत
तृणमूल कांग्रेस के बीरभूम जिला अध्यक्ष अनुब्रत मंडल को वित्तीय धोखाधड़ी के एक मामले में कलकत्ता हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिली है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के अनुसार, अदालत ने सोमवार को उनकी अग्रिम…
तृणमूल कांग्रेस के बीरभूम जिला अध्यक्ष अनुब्रत मंडल को वित्तीय धोखाधड़ी के एक मामले में कलकत्ता हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिली है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के अनुसार, अदालत ने सोमवार को उनकी अग्रिम ज़मानत याचिका स्वीकार कर ली, हालांकि इसके साथ कुछ शर्तें भी लगाई गई हैं। जस्टिस तीर्थंकर घोष की अदालत ने यह फ़ैसला सुनाया।
यह मामला बीरभूम के बोलपुर निवासी सुभेंदु मंडल द्वारा दर्ज कराई गई एक शिकायत से जुड़ा है, जिसमें उन्होंने अनुब्रत मंडल और तृणमूल के कुछ अन्य सदस्यों पर करीब 30 लाख रुपए की वित्तीय धोखाधड़ी का आरोप लगाया था। सुभेंदु का दावा था कि भाजपा समर्थक होने के कारण उन्हें हमलों और अपमान का सामना करना पड़ा और तत्कालीन सरकार के समय पुलिस ने उनकी शिकायत पर कोई कार्रवाई नहीं की थी।
देरी से FIR और राजनीतिक बदले का आरोप
सुनवाई के दौरान अनुब्रत मंडल के वकील अयन भट्टाचार्य ने दलील दी कि यह घटना 2021 की है, जबकि इस मामले में FIR 2026 में दर्ज की गई। उन्होंने इसे विधानसभा चुनाव के बाद राज्य में सरकार बदलने पर राजनीतिक बदले की भावना से की गई कार्रवाई बताया।
हाईकोर्ट ने भी इस बात पर गौर किया कि शिकायत काफी पहले दर्ज होने के बावजूद मामला बहुत बाद में दर्ज किया गया। अदालत ने कहा कि ऐसी स्थिति में हिरासत में लेकर पूछताछ की आवश्यकता नहीं है, हालांकि मामले की जांच जारी रहेगी। इसी आधार पर अग्रिम ज़मानत की अर्जी मंजूर कर ली गई।
जांच में सहयोग की शर्त
अदालत ने ज़मानत देते हुए शर्त रखी है कि अनुब्रत मंडल को जांच में पूरा सहयोग करना होगा। उन्हें 10 दिनों के भीतर जांच अधिकारी से मिलना होगा और जब भी पूछताछ के लिए बुलाया जाएगा, उन्हें पेश होना पड़ेगा। गौरतलब है कि अनुब्रत मंडल, विधानसभा में विपक्ष के नेता रितब्रत बनर्जी के नेतृत्व वाले तृणमूल कांग्रेस के बागी गुट से जुड़े हैं। निचली अदालत से अर्जी खारिज होने के बाद उन्होंने 14 जुलाई को हाईकोर्ट का रुख किया था।
इनपुट: IANS



