बारुईपुर हिंसा: कलकत्ता हाई कोर्ट ने CPI(M) नेता मोहम्मद लाहेक अली को दी सशर्त अंतरिम ज़मानत
पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना जिले के बारुईपुर में हुई हिंसा के मामले में गिरफ्तार CPI(M) नेता मोहम्मद लाहेक अली को कलकत्ता उच्च न्यायालय से अंतरिम राहत मिली है। अदालत ने अली की बुजुर्ग मां के खराब…
पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना जिले के बारुईपुर में हुई हिंसा के मामले में गिरफ्तार CPI(M) नेता मोहम्मद लाहेक अली को कलकत्ता उच्च न्यायालय से अंतरिम राहत मिली है। अदालत ने अली की बुजुर्ग मां के खराब स्वास्थ्य को देखते हुए उन्हें 10 सितंबर तक की सशर्त ज़मानत दे दी है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, पश्चिम बंगाल पुलिस के एसटीएफ ने अली को जुलाई में एक नाबालिग लड़की के बलात्कार और हत्या के विरोध में भड़की हिंसा के सिलसिले में गिरफ्तार किया था।
बुधवार को न्यायमूर्ति तीर्थंकर घोष की एकल-न्यायाधीश पीठ ने इस मामले में संक्षिप्त सुनवाई की। अदालत ने ज़मानत के साथ कुछ कड़ी शर्तें भी लगाई हैं, जिनके तहत मोहम्मद लाहेक अली बारुईपुर में अपने घर के इलाके से बाहर नहीं जा सकेंगे। साथ ही, उन्हें इस अंतरिम अवधि के दौरान जांच में पुलिस का पूरा सहयोग करने का निर्देश भी दिया गया है।
क्या है बारुईपुर हिंसा का पूरा मामला?
इस साल जुलाई में बारुईपुर के सूर्यपुर इलाके में एक नाबालिग लड़की का शव मिलने के बाद तनाव फैल गया था। इस घटना के विरोध में हुए प्रदर्शनों ने हिंसक रूप ले लिया, जिसमें स्थानीय लोगों ने अपराध में शामिल होने के संदेह में एक युवक की पीट-पीटकर हत्या कर दी थी। हालांकि, बाद में जांच में पता चला कि वह युवक निर्दोष था।
पुलिस ने क्या आरोप लगाए हैं?
पुलिस ने CPI(M) के दक्षिण 24 परगना जिला समिति के सदस्य मोहम्मद लाहेक अली पर लोगों को कानून हाथ में लेने के लिए उकसाने और भीड़ जुटाने का आरोप लगाया है। उन्हें इस हिंसा के मुख्य साजिशकर्ताओं में से एक माना जा रहा है और उनके खिलाफ 26 मामले दर्ज किए गए हैं। पुलिस ने उन्हें 12 जुलाई की रात उनके आवास से गिरफ्तार किया था। वहीं, CPI(M) नेतृत्व ने इस गिरफ्तारी को राजनीतिक बदला बताया है। इस घटना के बाद मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी भी दो बार बारुईपुर का दौरा कर चुके हैं।
इनपुट: IANS



