मंगलवार, 25 अगस्त 2026 · नई दिल्ली
टेक्नोलॉजी

भारत की टेलीकॉम तकनीक दुनिया तक पहुंचेगी, केंद्रीय मंत्री ने C-DOT को दिया 'मेड फॉर द वर्ल्ड' का लक्ष्य

केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने दूरसंचार प्रौद्योगिकी विकास केंद्र (C-DOT) से भारत में विकसित टेक्नोलॉजी को वैश्विक बाजार में स्थापित करने का आह्वान किया है। उन्होंने इस बात पर जोर…

भारत की टेलीकॉम तकनीक दुनिया तक पहुंचेगी, केंद्रीय मंत्री ने C-DOT को दिया 'मेड फॉर द वर्ल्ड' का लक्ष्य
(फोटो: IANS)

केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने दूरसंचार प्रौद्योगिकी विकास केंद्र (C-DOT) से भारत में विकसित टेक्नोलॉजी को वैश्विक बाजार में स्थापित करने का आह्वान किया है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि भारत अब सिर्फ तकनीक का उपभोक्ता नहीं है, बल्कि दुनिया का नेतृत्व करने की क्षमता रखता है। समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के अनुसार, सिंधिया ने कहा कि C-DOT का लक्ष्य सिर्फ घरेलू जरूरतों को पूरा करना नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धा करने वाले उत्पाद बनाना होना चाहिए।

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मंगलवार को C-DOT के 43वें स्थापना दिवस समारोह में सिंधिया ने कहा, "हमें ऐसी तकनीक विकसित करनी होगी जो भारत को केवल 'मेड इन इंडिया' तक सीमित न रखे, बल्कि 'मेड इन इंडिया, मेड फॉर द वर्ल्ड' की दिशा में आगे बढ़ाए।" उन्होंने कहा कि अनुसंधान और विकास (R&D) को व्यावसायिक रूप से सफल उत्पादों में बदलना बेहद ज़रूरी है।

भविष्य की तकनीक और भारत की तैयारी

केंद्रीय मंत्री ने 6G, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), क्वांटम टेक्नोलॉजी और साइबर सुरक्षा जैसे भविष्य के क्षेत्रों में भारत की स्थिति मजबूत करने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि इसके लिए ऐसी तकनीक बनानी होगी जो सस्ती, भरोसेमंद, विस्तार योग्य और विश्व स्तर पर प्रतिस्पर्धी हो। सिंधिया ने याद दिलाया कि भारत 4G के दौर में दुनिया से थोड़ा पीछे था, लेकिन 5G में हमने दुनिया के साथ कदम मिलाया है और अब 6G में नेतृत्व करने का लक्ष्य रख सकते हैं।

स्वदेशी 4G की सफलता और अगला कदम

सिंधिया ने C-DOT द्वारा विकसित स्वदेशी 4G तकनीकी स्टैक की सफलता का विशेष उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि इस तकनीक को देशभर के लगभग एक लाख मोबाइल टावरों पर तैनात किया जा चुका है, जो लाखों उपभोक्ताओं को सेवा दे रही है। इस उपलब्धि का श्रेय इंजीनियरों को देते हुए उन्होंने कहा कि अब इसी नींव पर 5G क्षमताओं को मजबूत करना और 6G मानकों के विकास में सक्रिय भूमिका निभानी होगी।

मंत्री के मुताबिक, भविष्य के दूरसंचार नेटवर्क सिर्फ कनेक्टिविटी तक सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि उन्हें सुरक्षित, लचीला और बुद्धिमान भी होना होगा ताकि वे डिजिटल अर्थव्यवस्था और राष्ट्रीय सुरक्षा की जरूरतों को पूरा कर सकें। उन्होंने C-DOT के युवा कार्यबल को संस्था की सबसे बड़ी ताकत बताते हुए कहा कि लगभग 1,565 कर्मचारियों में से आधे से अधिक 40 वर्ष से कम उम्र के हैं, जो नई पीढ़ी की प्रौद्योगिकियों में भारत की क्षमता निर्माण के लिए एक महत्वपूर्ण संसाधन है।

इनपुट: IANS

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News4Social टेक डेस्क

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