तेलंगाना: कांग्रेस सरकार के 1,000 दिन पर BRS ने जारी की 'चार्जशीट', लगाए भ्रष्टाचार और नाकामी के आरोप
तेलंगाना में मुख्य विपक्षी दल भारत राष्ट्र समिति (BRS) ने बुधवार को राज्य की कांग्रेस सरकार के 1,000 दिनों के कार्यकाल को लेकर एक 'चार्जशीट' जारी की है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के अनुसार, BRS…
तेलंगाना में मुख्य विपक्षी दल भारत राष्ट्र समिति (BRS) ने बुधवार को राज्य की कांग्रेस सरकार के 1,000 दिनों के कार्यकाल को लेकर एक 'चार्जशीट' जारी की है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के अनुसार, BRS ने सरकार के इस कार्यकाल को अक्षम, भ्रष्ट और अराजक करार दिया है। पार्टी ने इस अवधि को 'जनता के उत्पीड़न के दिन' बताया है।
हैदराबाद के तेलंगाना भवन में यह चार्जशीट BRS के कार्यकारी अध्यक्ष केटी रामा राव ने जारी की। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने 100 दिनों में स्वर्ग जैसा माहौल बनाने का वादा किया था, लेकिन इसके बजाय राज्य को नर्क जैसी स्थिति में धकेल दिया। केटीआर ने कहा कि राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और सोनिया गांधी जैसे शीर्ष नेताओं की गारंटियों के बावजूद 1,000 दिन बाद भी एक भी वादा पूरी तरह लागू नहीं हुआ है।
सरकार की विफलताएं और BRS की रणनीति
केटी रामा राव ने दावा किया कि पिछले 1,000 दिनों में सरकार की नीतियों के कारण किसान, छात्र, बेरोजगार युवा, महिलाएं और कर्मचारी सहित समाज के हर वर्ग की मुश्किलें बढ़ी हैं। उन्होंने कहा कि BRS अब इन विफलताओं को लेकर जनता के बीच जाएगी। इसके लिए पार्टी ने सभी 119 विधानसभा क्षेत्रों में 7 दिनों के एक व्यापक जन-संपर्क कार्यक्रम की घोषणा की है। इसमें विरोध प्रदर्शन के साथ-साथ किसानों, महिलाओं और युवाओं के साथ विशेष सत्र आयोजित किए जाएंगे।
आर्थिक कुप्रबंधन और भ्रष्टाचार के आरोप
अर्थव्यवस्था के मुद्दे पर केटीआर ने आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार में तेलंगाना की आर्थिक स्थिति कमजोर हुई है। उन्होंने 4.5 लाख करोड़ रुपए के कर्ज के उपयोग पर सवाल उठाते हुए खर्च में पारदर्शिता की मांग की। चार्जशीट में लगभग 30 कथित घोटालों और विवादों का जिक्र करते हुए केटीआर ने कॉन्ट्रैक्ट, जमीन के सौदों और सरकारी परियोजनाओं में भ्रष्टाचार के आरोप लगाए और सरकार से जवाबदेही की मांग की।
किसानों की अनदेखी का आरोप
पार्टी ने किसानों के मुद्दे पर भी सरकार को घेरा। केटीआर ने कहा कि रायतू भरोसा, फसल खरीद, खाद की उपलब्धता, किसान बीमा और ऋण सहायता जैसे कई मोर्चों पर किसानों को निराश किया गया है। उन्होंने कहा कि भुगतानों में देरी ने किसानों की समस्याओं को और बढ़ा दिया है। BRS नेता ने कहा कि उनकी पार्टी आगामी विधानसभा सत्र में अधूरे वादों, आर्थिक कुप्रबंधन और बिगड़ती कानून-व्यवस्था को लेकर सरकार को जोरदार तरीके से घेरेगी।
इनपुट: IANS



