गुरूवार, 3 सितम्बर 2026 · नई दिल्ली
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नेपाल बाढ़: भारत का बचाव अभियान जारी, 166 भारतीयों को निकाला गया, 410 चीन से लौटे

नेपाल में ग्लेशियर टूटने से आई विनाशकारी बाढ़ के बाद भारत का राहत और बचाव अभियान लगातार जारी है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के अनुसार, बुधवार तक कुल 166 भारतीय नागरिकों को सुरक्षित निकाल लिया गया…

नेपाल बाढ़: भारत का बचाव अभियान जारी, 166 भारतीयों को निकाला गया, 410 चीन से लौटे
(फोटो: IANS)

नेपाल में ग्लेशियर टूटने से आई विनाशकारी बाढ़ के बाद भारत का राहत और बचाव अभियान लगातार जारी है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के अनुसार, बुधवार तक कुल 166 भारतीय नागरिकों को सुरक्षित निकाल लिया गया है। इसके अलावा, कैलाश मानसरोवर यात्रा पर गए 410 भारतीय तीर्थयात्री भी तिब्बत स्वायत्त क्षेत्र से चीन के रास्ते रवाना हो गए हैं।

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यह आपदा 26 अगस्त को तिब्बत में ग्लेशियर के ध्वस्त होने के बाद आई थी, जिससे नेपाल-चीन सीमा के पास लेंगदे खोला पर एक प्राकृतिक बांध बन गया। विशेषज्ञों के मुताबिक, बाद में इसी बांध के टूटने से भोटेकोशी नदी में भीषण बाढ़ आ गई, जिसने त्रिशूली नदी तक के इलाकों में भारी तबाही मचाई।

राहत सामग्री और बचाव दल

भारत ने बुधवार को राहत सामग्री की पांचवीं खेप नेपाल भेजी। भारतीय वायुसेना के विमान से काठमांडू पहुँची इस खेप में करीब 5.5 टन चिकित्सा सामग्री थी, जिसमें एंटीबायोटिक्स, दर्द निवारक और सर्जिकल उपकरण शामिल थे। इसके साथ ही, 11 सदस्यों वाला एक विशेष बचाव दल और छह टन से अधिक आधुनिक उपकरण भी भेजे गए। विदेश मंत्रालय ने जानकारी दी कि भारत के राजदूत नवीन श्रीवास्तव ने यह सामग्री नेपाल सरकार को सौंपी। भारत अब तक नेपाल को कुल 74 टन राहत सामग्री उपलब्ध करा चुका है।

सुरंग में बचाव कार्य और अन्य प्रयास

भारतीय सुरंग बचाव दल नेपाली सेना के साथ मिलकर एक संयुक्त अभियान चला रहा है। दल ने अपना बेस त्रिशूली से स्याब्रुबेसी स्थानांतरित कर दिया है ताकि चिलीमे सुरंग तक जल्दी पहुँचा जा सके। टीम कीचड़ और मलबे से भरी सुरंग में लगभग 100 मीटर तक आगे बढ़ने में सफल रही है। बुधवार को भारत से पहुँचे 11 विशेषज्ञ भी गुरुवार से इस अभियान में शामिल होंगे। इसके अतिरिक्त, भारतीय फोरेंसिक टीम काठमांडू की दो प्रयोगशालाओं में डीएनए नमूनों की जाँच और पहचान में नेपाली विशेषज्ञों की मदद कर रही है।

आपदा का प्रभाव और जलवायु परिवर्तन पर चिंता

नेपाल की राष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण एवं प्रबंधन प्राधिकरण के आँकड़ों के अनुसार, बुधवार सुबह तक बाढ़ में बहे 1,114 लोगों के शव बरामद किए जा चुके हैं, जबकि 3,916 लोग अब भी लापता हैं। इस त्रासदी पर चिंता व्यक्त करते हुए नेपाल के प्रधानमंत्री बलेंद्र शाह ने संसद में कहा, "हिमालयी क्षेत्र में जलवायु परिवर्तन से बढ़ते खतरों पर अंतरराष्ट्रीय समुदाय को गंभीरता से ध्यान देना होगा।" उन्होंने आगे कहा कि यह आपदा नेपाल के भविष्य और जलवायु संकट को लेकर कई बड़े सवाल खड़े करती है।

इनपुट: IANS

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