ब्राजील के चुनावों से पहले तनाव: दो अमेरिकी अधिकारियों को वीजा देने से इनकार, दखल का संदेह
ब्राजील ने अक्टूबर में होने वाले राष्ट्रपति चुनावों से पहले एक कड़ा कदम उठाते हुए अमेरिकी विदेश विभाग के दो वरिष्ठ अधिकारियों के वीजा आवेदन खारिज कर दिए हैं। स्थानीय मीडिया रिपोर्टों के अनुसार…
ब्राजील ने अक्टूबर में होने वाले राष्ट्रपति चुनावों से पहले एक कड़ा कदम उठाते हुए अमेरिकी विदेश विभाग के दो वरिष्ठ अधिकारियों के वीजा आवेदन खारिज कर दिए हैं। स्थानीय मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, ब्राजील को संदेह है कि इन अधिकारियों की यात्रा से देश की चुनावी प्रणाली पर सवाल उठाने वाले समूहों को बढ़ावा मिल सकता है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, यह घटनाक्रम ब्राजील और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव को दर्शाता है।
जिन दो अधिकारियों के वीजा आवेदन अस्वीकार किए गए, वे अमेरिकी विदेश विभाग के लोकतंत्र, मानवाधिकार और श्रम ब्यूरो के सहायक सचिव रिले एम. बार्न्स और उप सहायक सचिव सैमुअल सैमसन हैं। उन्होंने 20 जुलाई को वीजा के लिए आवेदन किया था, जिसे ब्राजील के विदेश मंत्रालय ने शुक्रवार को खारिज कर दिया। इस मामले पर अमेरिकी विदेश विभाग ने फिलहाल कोई टिप्पणी नहीं की है।
यात्रा का उद्देश्य और विवाद
रिपोर्टों के अनुसार, बार्न्स और सैमसन की अपनी यात्रा के दौरान पूर्व राष्ट्रपति जेयर बोल्सोनारो के बेटे और राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार फ्लेवियो बोल्सोनारो से मिलने की योजना थी। इसके अलावा, वे ब्राजील के सुपीरियर इलेक्टोरल कोर्ट के अधिकारियों और दक्षिणपंथी विचारधारा के लोगों से भी मिलना चाहते थे।
यह घटनाक्रम ऐसे समय में हुआ है जब पूर्व राष्ट्रपति बोल्सोनारो लगातार ब्राजील की इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग प्रणाली की विश्वसनीयता पर सवाल उठाते रहे हैं, हालांकि उन्होंने अपने दावों के समर्थन में कभी कोई सबूत पेश नहीं किया। वहीं, चुनावी अधिकारियों ने इन आरोपों को हमेशा खारिज करते हुए प्रणाली को सुरक्षित बताया है।
चुनाव और बढ़ता तनाव
ब्राजील में राष्ट्रपति चुनाव का पहला दौर 4 अक्टूबर को होना है, और संभावित परिणाम 25 अक्टूबर को घोषित किए जाएंगे। इन चुनावों में वर्तमान राष्ट्रपति लुइज इनासियो लूला डा सिल्वा का मुकाबला सीनेटर फ्लेवियो बोल्सोनारो से है।
इससे पहले मई के अंत में, फ्लेवियो बोल्सोनारो और उनके भाई एडुआर्डो बोल्सोनारो ने वाशिंगटन का दौरा कर डोनाल्ड ट्रंप सहित कई अमेरिकी अधिकारियों से मुलाकात की थी। इसके तुरंत बाद, ट्रंप प्रशासन ने ब्राजील के दो प्रमुख मादक पदार्थ तस्करी संगठनों को आतंकवादी घोषित कर दिया था और ब्राजील से आयात होने वाले हजारों उत्पादों पर 37.5% तक का भारी टैरिफ लगा दिया था। राष्ट्रपति लूला की सरकार ने इन कदमों को बोल्सोनारो के पक्ष में चुनावों को प्रभावित करने का प्रयास बताया है।
इनपुट: IANS



